कोरबा: हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत
कोरबा । संवाददाता: उत्तर छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामलों में कोरबा जिले में एक जंगली हाथी ने 40 वर्षीय ग्रामीण को कुचलकर मार डाला, वहीं पड़ोसी जिले रायगढ़ में हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाते हुए कई मिट्टी के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया.
पहली घटना कोरबा जिले के कटघोरा वन विभाग के अंतर्गत आने वाले जटगा रेंज के धवलपुर जंगल की है. रविवार को 40 वर्षीय संतोष अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया था, तभी उसका सामना 18 हाथियों के एक झुंड से हो गया.
वन अधिकारियों के मुताबिक, अचानक एक हाथी ने संतोष पर हमला कर दिया और उसे जमीन पर पटककर बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. ग्रामीणों के अनुसार, यह झुंड पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा है और लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है. वर्तमान में कटघोरा वन मंडल में करीब 49 हाथी अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं.
दूसरी घटना रायगढ़ जिले के कापू वन परिक्षेत्र के अलोला गांव की है. यहाँ रविवार रात भोजन की तलाश में आए दो हाथियों ने सोते हुए ग्रामीणों के घरों पर हमला बोल दिया. हाथियों ने रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के मिट्टी के घरों को तोड़ दिया.
गनीमत रही कि परिजनों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचाई और शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ा. इसके बाद हाथियों ने टेडासेमार गांव का रुख किया, जहां उन्होंने दसरिन कोरवा और कार्तिक कोरवा के घरों को नुकसान पहुंचाया.
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कापू रेंज में लगभग 19 हाथियों का दल सक्रिय है. इससे एक दिन पहले ही अलोला बीट क्षेत्र में हाथियों ने एक मोटरसाइकिल सवार को दौड़ाकर घायल कर दिया था.
रायगढ़ जिला इस समय छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी द्वंद्व का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है, जहां हाथियों की संख्या 150 से अधिक है.
अकेले धरमजयगढ़ वन मंडल में ही 126 हाथी मौजूद हैं, जिसके कारण आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं. वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रख रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.