कोरबा पट्टा विवाद: ननकीराम कंवर ने HC अवमानना का आरोप लगाया
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नगर निगम क्षेत्र के राताखार इलाके में जमीन पट्टे को लेकर विवाद तेज हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व सरकार के दौरान उन्हें मिले पट्टों के बावजूद अब प्रशासन द्वारा बेदखली की नोटिस जारी की जा रही है, जबकि उच्च न्यायालय बिलासपुर ने खसरा नंबर 74/1 की स्थल जांच और सीमांकन का स्पष्ट आदेश दिया हुआ है.
यह क्षेत्र महापौर संजू देवी राजपूत का भी है, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तहसीलदार कोरबा द्वारा कोर्ट के फैसले की अनदेखी कर कब्जा खाली करने की कार्रवाई शुरू की गई है.
पूर्व गृहमंत्री और विधायक ननकीराम कंवर ने इस मामले में सक्रिय होकर ग्रामीणों का साथ दिया है. उन्होंने इसे न्यायालय की अवमानना करार देते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
ननकीराम कंवर ने कहा कि प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है, जिससे सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन और राजस्व सचिव को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय जांच शुरू करने की मांग दोहराई है.
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही उन्होंने इस मुद्दे को उठाकर प्रशासन पर दबाव बनाया है.
स्थानीय लोग अब न्यायिक आदेश के अनुपालन की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि पट्टा धारकों को उनकी जमीन पर वैध अधिकार मिल सके और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो. प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.