कोरबा कलेक्टर ने कार्यों में उदासीनता और अनुपस्थिति पर पटवारी को निलंबित किया
कोरबा में चक्रवात अर्नब से हुए फसल नुकसान के आकलन व गिरदावरी कार्यों में लापरवाही बरतने और बिना सूचना गायब रहने पर पटवारी मिथलेश वर्मा को निलंबित किया गया.
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रशासनिक कार्यों में भारी शिथिलता और पदीय दायित्वों के उल्लंघन पर सख्त रवैया अपनाया गया है. जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण तहसील दर्री अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 40 भैरोताल के पटवारी मिथलेश वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका आधिकारिक मुख्यालय तहसील अजगरबहार तय किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान किया जाएगा.
यह निलंबन मुख्य रूप से किसानों से जुड़े आवश्यक कार्यों में आई रुकावटों और बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार गायब रहने के कारण किया गया है. 13 अक्टूबर 2026 से पटवारी की अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण चक्रवात अर्नब से हुए फसल नुकसान का त्वरित आकलन तथा आगामी धान खरीदी से पूर्व कृषकों के दस्तावेजों के समाधान का महत्वपूर्ण काम अटक गया था.
प्रशासन का मानना है कि इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से समय पर किसानों तक सरकारी सुविधाएं और राहत पहुंचाने में सीधी बाधा उत्पन्न हुई.
निलंबन की इस अंतिम कार्रवाई से पटवारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए भू-अभिलेख शाखा द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को पत्र क्रमांक 1673/भू.अ./पट.स्था./2026 के जरिए कारण बताओ नोटिस थमाया गया था.
उस नोटिस में भू-अभिलेख नियमावली के तहत दैनिक डायरी संधारित न करने, एग्रीस्टैक पंजीयन एवं बकेट क्लेम डिजिटल कॉप मोबाइल ऐप में प्रविष्टियां शुरू न करने, नक्शा बंटाकन व अभिलेख दुरुस्ती को लंबे समय से लटकाए रखने तथा खरीफ वर्ष 2025-26 की मैनुअल गिरदावरी को पीवी के माध्यम से न कराने जैसी कई बड़ी खामियां दर्ज थीं.
तत्पश्चात 5 अक्टूबर 2026 को पटवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया जवाब पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया. जिसके बाद प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने हेतु छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) व नियम 3(क, ख, ग) के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत यह कार्रवाई निष्पादित की गई. कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में ढिलाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी.