राजस्थान और छत्तीसगढ़ में एकजुट होकर लड़ेंगे कांग्रेसी
नई दिल्ली । डेस्क: नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के प्रदेश नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर आगामी चुनावों के लिए बिगुल फूंक दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई इन बैठकों में दोनों राज्यों के नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ जनता के बीच जाने का निर्देश दिया गया.
राजस्थान को लेकर हुई चर्चा में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और सचिन पायलट समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी, पंचायती राज चुनाव और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों पर रणनीति बनी. डोटासरा ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और मनरेगा जैसे जनहित के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने का काम करेगी.
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के नेताओं के साथ हुई बैठक में राज्य की भाजपा सरकार पर आदिवासी अधिकारों के हनन और मनरेगा को खत्म कर नया कानून लाने के आरोपों पर तीखी चर्चा हुई. सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पिछले दरवाजे से खनन को बढ़ावा दे रही है और पंचायतों के अधिकारों को कमजोर कर रही है.
कांग्रेस नेतृत्व ने संकल्प लिया कि वे केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे ताकि गरीबों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को धार देना और भाजपा की "विफलताओं" को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है.