कांकेर: महानदी के उफान से बगौद गांव में बाढ़ जैसी स्थिति
कांकेर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बगौद गांव में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. महानदी के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर की वजह से 200 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, जिससे धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दशपुर-बगौद एनिकट के निर्माण के बाद से बीते 10 वर्षों से हर मानसून में उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
पिथौरागढ़ और आसपास के इलाकों को पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए गए इस एनिकट के कारण बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और पानी सीधे खेतों में भर जाता है.
इसके अलावा, एनिकट का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है और रिटेनिंग वॉल टूटने की वजह से नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे बड़े पैमाने पर भूमि कटाव हो रहा है. इस दौरान 20 से अधिक पेड़ बह गए हैं और कई बिजली के खंभे भी ढह चुके हैं.
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है. फसल बर्बाद होने पर मिलने वाला 6,000 से 8,000 रुपये का मुआवजा नाकाफी है.
किसानों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने या उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. दूसरी ओर, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा है कि शिकायत मिलते ही अधिकारियों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और समस्या का उचित समाधान किया जाएगा.