झीरम घाटी हमला: कोर्ट के फैसले से न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास हुआ मजबूत- डिप्टी सीएम
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में विशेष एनआईए (NIA) अदालत द्वारा सभी 10 दोषियों को दी गई मौत की सजा के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से न्याय प्रणाली में आम जनता का भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है.
शर्मा ने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी या सबूत है, उन्हें आगे आकर एनआईए को सौंपना चाहिए. यदि किसी को घटना में किसी गड़बड़ी की आशंका है, तो उसे जांच एजेंसी से संपर्क करना चाहिए.
हालांकि, इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों और पीड़ितों के परिवारों की ओर से कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं.
हमले के प्रत्यक्षदर्शी और कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदू ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 25 मई 2013 की उस घटना में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. उन्होंने इस साजिश के पीछे के सच को सामने लाने के लिए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मुकेश गुप्ता का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है.
दूसरी ओर, इस हमले में जान गंवाने वाले उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने पूरे षड्यंत्र की जांच की मांग उठाई है. उनका कहना है कि हमले में 150 से अधिक नक्सली शामिल थे, लेकिन कार्रवाई केवल 10-11 लोगों पर ही हुई है.
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने भी सुरक्षा में हुई चूक पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दो दिनों तक यात्रा को पूरी सुरक्षा दी गई थी, तो तीसरे दिन सुरक्षा बल और 'रोड ओपनिंग पार्टी' क्यों नदारद थी? उनका मानना है कि जब तक इस चूक और पूरी साजिश के जिम्मेदार लोगों की पहचान नहीं होती, तब तक पीड़ित परिवारों को सही मायनों में न्याय नहीं मिलेगा.