जशपुर: पति की हत्या कर ट्रॉली बैग में छिपाया था शव, पत्नी को उम्रकैद
जशपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर में कुनकुरी स्थित द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने पति की निर्मम हत्या करने और शव को ट्रॉली बैग में छिपाने के जुर्म में पत्नी मंगरीता बाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में किसी भी प्रकार की उदारता दिखाना समाज और न्याय व्यवस्था के हितों के खिलाफ होगा.
यह सनसनीखेज वारदात 7 नवंबर 2025 को दुलदुला थाना क्षेत्र के भिंजपुर गांव में हुई थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, संतोष भगत और उसकी पत्नी मंगरीता बाई के बीच शादी के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था. विवाद के चलते महिला कुछ समय के लिए मुंबई चली गई थी. गांव लौटने पर 7 नवंबर की रात किसी रिश्तेदार से संबंधों के संदेह को लेकर दोनों के बीच फिर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा.
गुस्से में आकर मंगरीता ने घर में रखे मसाले पीसने वाले सिलबट्टे से पति के सिर पर कई वार किए, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपी महिला ने खून के धब्बे साफ किए, शव को एक बड़े ट्रॉली बैग में बंद किया और घर में ताला लगाकर भाग निकली.
वह बैग को ठिकाने लगाना चाहती थी, लेकिन वजन ज्यादा होने के कारण उसे वहीं छोड़कर मुंबई भागने की फिराक में रायगढ़ के लिए निकल गई.
पति के लंबे समय तक घर से बाहर न निकलने पर परिजनों को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर ट्रॉली बैग से शव बरामद किया. जशपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को मुंबई भागने के रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया था.
अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए मंगरीता बाई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या के लिए सश्रम आजीवन कारावास व 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. इसके अलावा धारा 238 के तहत सबूत मिटाने के जुर्म में 3 साल के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अतिरिक्त अर्थदंड से दंडित किया है.