जशपुर: हाथी के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, 24 गांवों में दहशत
जशपुर । संवाददाता: जशपुर जिले के कुनकुरी वन परिक्षेत्र में एक लोनर (दल से बिछड़े) हाथी ने देर रात भारी तबाही मचाते हुए 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया. यह खौफनाक वारदात गड़ाकाटा के राझाडीपा बस्ती में रात करीब दो बजे घटी, जब जंगल से सटे एक कच्चे मकान पर हाथी ने अचानक हमला बोल दिया.
हमले के दौरान मकान का छप्पर और दीवार गिरते देख परिवार के अन्य लोग किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन अधिक उम्र होने के कारण वृद्धा भाग नहीं सकीं. हाथी ने उन्हें सूंढ़ में उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई. मृतका की पहचान कंचन बाई के रूप में हुई है, जो अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती थीं.
इस घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि सौंपी. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिस हाथी ने महिला को निशाना बनाया है, वह पिछले डेढ़ महीने से कुनकुरी के जंगलों में अकेला भटक रहा है और बेहद आक्रामक है.
वर्तमान में पूरे जिले में कुल 34 हाथी अलग-अलग इलाकों में विचरण कर रहे हैं, जिससे करीब 24 गांवों में भारी दहशत का माहौल है. इनमें तपकरा क्षेत्र में ओडिशा से आया 30 हाथियों का 'शांति दल' और हाथीबेड इलाके में धरमजयगढ़ से पहुंचे दो अन्य हाथी शामिल हैं.
हाथियों की इस मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने खारीबहार, बरांगजोर, तेलाइन और कोरंगामाल सहित दो दर्जन से अधिक संवेदनशील गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है. वन विभाग ने ग्रामीणों के जंगल में प्रवेश करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और गश्त तेज कर दी है.
हाथियों के हमले से सुरक्षित रहने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग द्वारा जारी किए गए मुख्य सुरक्षा निर्देश नीचे दिए गए हैं:
1) जंगल जाने पर पूर्ण प्रतिबंध: अलर्ट घोषित किए गए गांवों के ग्रामीण जंगल, दातुन तोड़ने, महुआ या लकड़ी चुनने के लिए भूलकर भी जंगल की ओर न जाएं.
2) शाम के बाद सतर्कता: सूर्य ढलने के बाद गांवों के किनारे या सुनसान रास्तों पर अकेले निकलने से बचें. घर के बाहर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें.
3) घर की सुरक्षा: यदि मकान कच्चा या जंगल से सटा हुआ है, तो रात के समय विशेष रूप से सतर्क रहें. दीवार टूटने या आहट मिलने पर तुरंत घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाएं.
4) लोनर हाथियों से दूरी: दल से बिछड़े 'लोनर' हाथी अत्यधिक आक्रामक होते हैं. हाथी दिखने पर उसे घेरने, छेड़ने, पत्थर मारने या फोटो/वीडियो बनाने का प्रयास बिल्कुल न करें.
5) हल्ला और रोशनी का प्रयोग: हाथी यदि गांव के करीब आ जाए, तो सुरक्षित दूरी से मशाल, पटाखा या शोर करके उसे भगाने का प्रयास करें, लेकिन कभी भी उसके रास्ते में न आएं.
6) शराब और अनाज का भंडारण: घर में हड़िया या महुआ शराब न रखें, क्योंकि इसकी गंध से हाथी आकर्षित होकर घरों पर हमला करते हैं.
7) तत्काल सूचना: हाथी की मौजूदगी या किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत वन विभाग की बीट टीम, रेंजर या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित करें.