जयराम रमेश ने 'शांति' बिल को बताया 'ट्रंप एक्ट'
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत के नए परमाणु कानून 'शांति' (SHANTI) बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया है कि इस कानून को अमेरिकी हितों को साधने के लिए जल्दबाजी में पारित किया गया.
रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित 'नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट' (NDAA) का हवाला देते हुए कहा कि इसके पेज नंबर 1,912 पर भारत के परमाणु दायित्व नियमों के संयुक्त मूल्यांकन का स्पष्ट उल्लेख है.
President Trump has just signed the National Defence Authorization Act for the US Fiscal Year 2026.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) December 20, 2025
The Act is 3100 pages long. Page 1912 has a reference to the joint assessment between the United States and India on Nuclear Liability Rules.
Now we know for sure why the Prime… pic.twitter.com/bGdAOXh9pA
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2010 के ऐतिहासिक परमाणु दायित्व कानून के कड़े प्रावधानों को खत्म कर दिया है ताकि अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुँचाया जा सके.
जयराम रमेश ने तंज कसते हुए 'शांति' बिल का नाम बदलकर 'ट्रंप' (TRUMP - The Reactor Use and Management Promise) एक्ट रखने का सुझाव दिया.
संसद में इस बिल का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इसे निजीकरण की ओर एक 'खतरनाक कदम' बताया और परमाणु दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों के अधिकारों में कटौती पर चिंता जताई.
उधर, सरकार का तर्क है कि यह कानून जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और निजी भागीदारी के जरिए परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक है.