जैकलीन फर्नांडीज पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चलेगा केस
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप (charges) तय करने का आदेश दिया है. यह पूरा मामला एक हाई-प्रोफाइल रंगदारी रैकेट से जुड़ा हुआ है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से सभी आरोपियों के खिलाफ "मजबूत संदेह" पैदा करने के लिए "प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री" मौजूद है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत आरोप तय किए जाएं.
न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि इन सभी पर पीएमएलए की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध दर्ज किया जाएगा, जो धारा 4 के तहत दंडनीय है. अदालत ने औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए अब 3 जून की तारीख तय की है.
यह मामला पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से रंगदारी वसूलने के आरोपों से शुरू हुआ था. आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर और कानूनी मामलों में मदद का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये वसूले थे.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुकेश चंद्रशेखर को साल 2021 में गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि रंगदारी से वसूली गई इस रकम का इस्तेमाल संपत्तियां, महंगे लग्जरी वाहन और कीमती उपहार खरीदने के लिए किया गया था. ईडी के मुताबिक, अपराध की इस कमाई को विभिन्न बैंक खातों, हवाला चैनलों, नकद लेनदेन और मुखौटा कंपनियों (shell entities) के जरिए ठिकाने लगाया गया था.
इस मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की मुश्किलें इसलिए बढ़ीं क्योंकि जांच एजेंसी द्वारा दाखिल दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें भी आरोपी बनाया गया है.
ईडी की जांच में सामने आया है कि जैकलीन लगातार सुकेश चंद्रशेखर के संपर्क में थीं और उन्होंने सह-आरोपी पिंकी ईरानी के जरिए सुकेश से कई कीमती और महंगे गिफ्ट्स स्वीकार किए थे. अब 3 जून को कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.