इजराइल-हिजबुल्लाह युद्ध: बेरूत और हाइफ़ा पर भीषण हमले
बेरुत । डेस्क: लेबनान की राजधानी बेरुत सोमवार को इज़राइली लड़ाकू विमानों की गर्जना से दहल उठी. यह कार्रवाई हिज़बुल्ला द्वारा उत्तरी इज़राइल में हाइफ़ा के पास एक सैन्य अड्डे पर किए गए रॉकेट और ड्रोन हमले के जवाब में की गई है.
हिज़बुल्ला ने दावा किया है कि यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के प्रतिशोध और लेबनान की रक्षा के लिए किया गया है. समूह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि इज़राइल पिछले 15 महीनों से लगातार आक्रामकता दिखा रहा है और उनके नेताओं की हत्या कर रहा है, जिसके जवाब में यह कार्रवाई अनिवार्य थी.
इज़राइली सेना ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दक्षिण बेरुत, बेका घाटी और दक्षिण लेबनान के दर्जनों गांवों में "शक्तिशाली हमले" शुरू कर दिए हैं.
इज़राइली सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, वे हिज़बुल्ला के उन वरिष्ठ सदस्यों और प्रमुख ठिकानों को निशाना बना रहे हैं जो इज़राइल की सुरक्षा के लिए खतरा हैं.
इसके साथ ही, इज़राइल ने दक्षिण लेबनान के 50 से अधिक गांवों के निवासियों को तुरंत घर खाली करने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश जारी किया है. इस आदेश ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर विस्थापन और मानवीय संकट की आशंका पैदा कर दी है.
लेबनान के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विभाजन भी स्पष्ट दिख रहा है. लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिज़बुल्ला के इस कदम को "गैर-जिम्मेदाराना और संदिग्ध" करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस हमले ने इज़राइल को लेबनान पर हमला जारी रखने का एक और बहाना दे दिया है.
गौरतलब है कि नवंबर 2024 में दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन लेबनान का आरोप है कि इज़राइल ने हजारों बार इसकी शर्तों का उल्लंघन किया है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे एक क्षेत्रीय युद्ध के विस्तार के रूप में देख रहे हैं, जिसमें एक तरफ अमेरिका और इज़राइल हैं, तो दूसरी तरफ ईरान और उसके सहयोगी संगठन.