'मिनाब 168' का दर्द लेकर इस्लामाबाद पहुंची ईरान की टीम
नई दिल्ली । डेस्क: मध्य एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश लेकर ईरान का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा है. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल के साथ विमान की अगली सीटों पर खून से सने स्कूल बैग, जूते, सफेद फूल और मिनाब के मारे गए बच्चों की तस्वीरें रखी हुई थीं.
गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर इस प्रतीकात्मक विरोध की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "इस उड़ान में मेरे सह-यात्री #Minab168 हैं," जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है.
همراهان من در این پرواز#Minab168 pic.twitter.com/xvXmDlSDiF
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 10, 2026
ईरान का दावा है कि 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में 'शजारे तैयबा' गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 160 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी.
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने सामूहिक कब्रों की सैटेलाइट तस्वीरें जारी करते हुए इसे 'सोची-समझी हत्या' करार दिया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की.
हालांकि, अमेरिका ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और ट्रंप ने इस घटना के लिए ईरान की 'तकनीकी अक्षमता' को जिम्मेदार ठहराया है.
शनिवार को होने वाली इस बहुप्रतीक्षित शांति बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जिनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी मौजूद हैं.
2011 में जो बाइडन के दौरे के बाद यह पहली बार है जब कोई अमेरिकी उपराष्ट्रपति पाकिस्तान पहुंचा है. इस वार्ता में ईरान की 10-सूत्रीय युद्धविराम योजना पर चर्चा होनी है, लेकिन मिनाब के बच्चों की यादों ने इस कूटनीतिक माहौल को बेहद गंभीर और संवेदनशील बना दिया है.
इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने किया.