ईरान के हमले में इसराइल को भारी नुकसान
नई दिल्ली | डेस्क : इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) के अनुसार, ईरान की ओर से इसराइल पर मिसाइल हमले किए गए हैं, जिनका जवाब देने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश जारी किए गए हैं.
आईडीएफ़ ने आधिकारिक बयान में बताया कि हमले के बाद देश के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया है और होम फ्रंट कमांड के जरिए लोगों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन संदेश भेजे गए हैं.
नागरिकों से कहा गया है कि सायरन बजते ही वे नजदीकी बंकर या सुरक्षित जगहों में शरण लें और अगली सूचना तक वहीं रहें. सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य घोषित होने तक बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है.
मीडिया रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, यह हमला हाल के महीनों में ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच पहले से ही अप्रत्यक्ष संघर्ष और सैन्य गतिविधियां जारी हैं, और इस तरह के सीधे मिसाइल हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं.
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसराइल का आयरन डोम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम अधिकांश खतरों को रोकने में सक्षम हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर हमलों की स्थिति में नुकसान की आशंका बनी रहती है.
इसी बीच, इसराइल के दक्षिणी इलाकों में हाल ही में हुए हमलों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं. डेड सी के पास स्थित अरद शहर में मिसाइल गिरने से 80 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि डिमोना क्षेत्र, जहां देश का संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठान स्थित है, वहां भी हमले के बाद नुकसान की सूचना है.
हालांकि अधिकारियों ने परमाणु संयंत्र की सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे पश्चिम एशिया में व्यापक सैन्य टकराव की आशंका बढ़ सकती है.