बस्तर में इंद्रवती नदी उफान पर, जगदलपुर में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले दो-तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. राज्य का बस्तर संभाग इस प्राकृतिक आपदा की सबसे भीषण मार झेल रहा है. पड़ोसी राज्य ओडिशा के काटीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश के कारण उफान पर आई इंद्रवती नदी और उसकी सहायक नदियों ने बस्तर के बड़े हिस्से को जलमग्न कर दिया है.
संभाग मुख्यालय जगदलपुर में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां करीब 15 वर्षों के बाद इतनी भयानक बाढ़ आई है. वर्ष 2010 के बाद पहली बार बाढ़ का पानी शहर के मध्यवर्ती इलाकों तक पहुंच गया है.
जगदलपुर के अलावा नगरनार और लोहंडीगुड़ा जैसे समीपवर्ती क्षेत्र इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. शहर के निचले इलाकों, जिनमें महादेव घाट, प्रवीण वार्ड, विजय वार्ड, लालबाग, दंतेश्वरी वार्ड और केंद्रीय जेल के पीछे की बस्तियां शामिल हैं, वहां पानी लोगों के घरों में घुस गया है. कई नागरिक अपनी जान बचाने के लिए छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं.
हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. कच्चे व जर्जर मकानों में रहने वाले 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है.
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने राहत शिविरों की संख्या 9 से बढ़ाकर 15 कर दी है. हालांकि रविवार को बस्तर के कुछ हिस्सों में धूप निकलने से मौसम में हल्का सुधार देखा गया, लेकिन इंद्रवती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय बस्तियों, गांवों और कृषि भूमि पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं.
इस जलप्रलय से जनजीवन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और खेती को भारी नुकसान पहुंचा है. सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है.
बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल अंतर्गत दुर्ग-दल्लीराजहरा रेल खंड में पटरियों पर पानी भरने और धंसाव के कारण कई ट्रेनें रद्द या आंशिक रूप से निरस्त की गई हैं. डीआरएम दयानंद ने प्रभावित ट्रैक का निरीक्षण कर युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करवाया है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और राहत-बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है. सरकार ने एहतियातन सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावितों के लिए सुरक्षित आश्रय, भोजन, पेयजल और दवाओं की तत्काल व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, साथ ही आम जनता से उफनती नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.