भारत-नेपाल बैंकिंग डील: डिजिटल होगा भारतीय करेंसी का लेनदेन
काठमांडू । डेस्क: नेपाल और भारत के केंद्रीय बैंक सीमा पार बैंकिंग संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच इंटरबैंक मार्केट के जरिए भारतीय मुद्रा के बड़े पैमाने पर डिजिटल ट्रांसफर को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है.
इस ऐतिहासिक व्यवस्था के लागू होने के बाद नेपाली बैंक बिना किसी सीमा के भारतीय बैंकों से रुपया प्राप्त कर सकेंगे और अपने पास जमा भारतीय मुद्रा को वापस भारत भेज सकेंगे. नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल के अनुसार, यह कदम दोनों देशों के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा, जिससे नकद मुद्रा के भंडारण का जोखिम कम होगा और द्विपक्षीय व्यापार में आसानी होगी.
वर्तमान में नेपाल ने राजपत्र में सूचना प्रकाशित कर प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये तक के बड़े भारतीय नोट (200 और 500 रुपये) लाने-ले जाने की अनुमति दे दी है, लेकिन बैंकों के लिए अभी औपचारिक सर्कुलर जारी होना बाकी है. यह नया इंटरबैंक तंत्र विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2016 की नोटबंदी के बाद से नेपाल के पास लगभग 5 करोड़ रुपये के पुराने भारतीय नोट फंसे हुए हैं.
नई व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में नेपाली बैंकिंग प्रणाली में भारतीय मुद्रा का संचय वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा न बने. अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल फंड ट्रांसफर की सुविधा शुरू होते ही सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार करने वाले उद्यमियों और पर्यटकों को नकदी की किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी.