INDIA ब्लॉक: लोकतंत्र बचाने और मतभेद दूर करने पर मंथन
नई दिल्ली । डेस्क: देश के राजनीतिक परिदृश्य में जारी हलचलों के बीच सोमवार को राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. हालिया विधानसभा चुनावों में क्षेत्रीय दलों को मिली हार और आपसी मतभेदों की पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावी और राजनीतिक रणनीति को नया रूप देना था.
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए. वहीं, उद्धव ठाकरे इस बैठक में वर्चुअली जुड़े.
इस बैठक से दो बड़े झटके भी गठबंधन को लगे. आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली. तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा डीएमके से नाता तोड़कर टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के फैसले के बाद डीएमके ने इस बैठक का बहिष्कार किया है.
बैठक के एजेंडे पर बात करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे और देश को 'बंधु राष्ट्र' की दिशा में ले जाने के प्रयास किए जाएंगे.
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संविधान पर हमले जारी हैं और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराया जा रहा है.
उन्होंने देश में गिरती अर्थव्यवस्था, रोजगार की कमी और परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया. दूसरी तरफ, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने उम्मीद जताई कि आगामी 8 से 15 दिनों में सभी प्रमुख नेताओं को आमंत्रित कर आपसी मतभेदों का समाधान निकाल लिया जाएगा.
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्षी एकजुटता पर करारा तंज कसा है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'INDIA' गठबंधन केवल एक कोरी कल्पना है, जिसका जमीन पर कोई अस्तित्व नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, डीएमके, झामुमो और वामपंथी दलों के बीच आपसी कलह से यह साफ हो गया है कि इस गठबंधन के पास देश के लिए कोई 'मिशन और विजन' नहीं है, बल्कि यहां केवल 'डिवीजन' (विभाजन) है.