अभी भी जीवित हैं 13,212 फ्रीडम फाइटर
नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में मंगलवार को जानकारी दी गई है कि अभी भी 13,212 फ्रीडम फाइटर जीवित हैं. आजादी के लगभग 78 साल बाद भी, 13,212 स्वतंत्रता सेनानी और 9,778 दिवंगत स्वतंत्रता सेनानियों के जीवनसाथी या आश्रित स्वतंत्रता सैनिक सम्मान योजना (एसएसएसवाई) के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं. यह जानकारी मंगलवार को गृह मंत्रालय ने लोकसभा में साझा की.
कनिष्ठ गृह मंत्री बंदी संजय कुमार ने एक सवाल के जवाब में बताया कि अब तक 1.7 लाख से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों को इस योजना के तहत पेंशन दी जा चुकी है. इसमें सबसे अधिक पेंशनभोगी अविभाजित बिहार (24,905), पश्चिम बंगाल (22,523) और भारतीय राष्ट्रीय सेना (22,472) से हैं.
पेंशन के लिए योग्यता
स्वतंत्रता सैनिक सम्मान योजना के तहत पेंशन के लिए निम्नलिखित शर्तों में से किसी एक को पूरा करना आवश्यक है:
स्वतंत्रता से पहले कम से कम छह महीने की जेल.
पुलिस द्वारा इनामी अपराधी घोषित या हिरासत आदेश जारी, भले ही वह लागू न हुआ हो.
घर में नजरबंदी या जिले से निष्कासन.
संपत्ति जब्त होना.
गोलीबारी या लाठीचार्ज में स्थायी अक्षमता.
स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी के कारण सरकारी नौकरी से हटाया जाना.
पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत 3,115 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है. वार्षिक खर्च 2020-21 में 660 करोड़ रुपये से शुरू होकर 2021-22 में 717 करोड़ रुपये तक पहुंचा, फिर 2022-23 और 2024-25 में 599 करोड़ रुपये रहा. 2023-24 में यह राशि 540 करोड़ रुपये थी.
वर्तमान में सबसे अधिक जीवित स्वतंत्रता सेनानी तेलंगाना (3,017), पश्चिम बंगाल (1,799) और महाराष्ट्र (1,543) में हैं.
इसी तरह, स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाओं/जीवनसाथियों/बेटियों में सबसे अधिक तेलंगाना (2,165), महाराष्ट्र (1,274) और पश्चिम बंगाल (1,095) में हैं.