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एम्स रायपुर में 'एआई लैब' का उद्घाटन

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16 मार्च 2026, 12:57 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

AIIMS रायपुर
AIIMS रायपुर

रायपुर । संवाददाता: स्वास्थ्य सेवाओं में अत्याधुनिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एम्स रायपुर ने 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब और डिप्लॉयमेंट सेंटर' की स्थापना की है. शनिवार को आयोजित 'एआई इन हेल्थकेयर कॉन्क्लेव' के दौरान इस विशेष सुविधा का उद्घाटन किया गया, जिसमें चिकित्सा, तकनीक और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शिरकत की.


यह लैब एम्स रायपुर की बायो-इनोवेशन विंग 'सृजन' के तहत आईआईटी इंदौर के 'दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन' के सहयोग से संचालित होगी. 

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इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य डायग्नोस्टिक्स, स्वास्थ्य प्रबंधन और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स के लिए एआई-आधारित उपकरण विकसित करना है. 


कॉन्क्लेव के दौरान दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों ने अपने संयुक्त प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन भी किया. 


इस अवसर पर आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास एस. जोशी ने परियोजनाओं की समीक्षा की और तकनीकी फीडबैक दिया. 


प्रोफेसर जोशी ने अपने संबोधन में बताया कि चिकित्सा और तकनीकी संस्थानों के बीच ऐसी भागीदारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाएगी और आईआईटी इंदौर इन नवाचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करता रहेगा.


गौरतलब है कि एम्स रायपुर की यह नवनिर्मित एआई लैब मुख्य रूप से 'सृजन' विंग के माध्यम से चिकित्सा और इंजीनियरिंग के बीच एक सेतु का काम करेगी. इसकी कार्यप्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण पहलू 'प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स' है, जिसके जरिए मरीज के पुराने डेटा का विश्लेषण कर भविष्य में होने वाली बीमारियों के खतरों का पहले ही आकलन किया जा सकेगा. 


आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञों के साथ मिलकर यहाँ ऐसे एल्गोरिदम विकसित किए जा रहे हैं जो रेडियोलॉजी इमेज (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) को डॉक्टरों से भी अधिक सूक्ष्मता से पढ़कर कैंसर या न्यूरोलॉजिकल विकारों का शुरुआती चरण में पता लगा सकेंगे. 


यह लैब केवल शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ विकसित किए गए टूल्स को सीधे अस्पताल के ओपीडी और वार्डों में तैनात किया जाएगा ताकि मरीजों के इलाज के समय को कम किया जा सके और स्वास्थ्य प्रबंधन को डिजिटल रूप से अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके. 


इसके अलावा, यह केंद्र स्थानीय स्तर पर बायो-मेडिकल स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देगा, जहाँ डॉक्टर अपनी क्लिनिकल चुनौतियों को तकनीकी विशेषज्ञों के सामने रखेंगे ताकि उनके लिए एआई-आधारित सटीक समाधान बनाए जा सकें.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP