वन मंत्री के गृहग्राम में रेत का अवैध उत्खनन
छत्तीसगढ़ के वनमंत्री के गांव में अवैध रेत उत्खनन का आरोप
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के वन एवं जल सांसधन मंत्री केदार कश्यप के गृहग्राम बड़े आमाबाल की नारंगी नदी से इन दिनों रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है. लगातार तस्करों द्वारा सूखी नारंगी नदी से रेत का उत्खनन किया जा रहा है.
इस रेत खनन के लिए न तो ग्राम पंचायत से और ना ही प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली गई है. इसके बावजूद धड़ल्ले से पिछले कुछ दिनों से लगातार रेत का उत्खनन किया जा रहा है.
पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने आरोप लगाया है कि वन मंत्री केदार कश्यप के संरक्षण में उनके खुद के गृह ग्राम में अवैध उत्खनन किया जा रहा है.
एक तरफ जहां राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन पर रोक लगाया है, वहीं दूसरी तरफ वन मंत्री खुद इसे संरक्षण दे रहे हैं. इसलिए प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.
चंदन कश्यप का कहना है कि मौके पर पहुंचकर बस्तर के एसडीएम से लेकर बस्तर कलेक्टर और खनिज अधिकारी को फोन पर शिकायत करने के बावजूद भी 2 घंटे तक एक भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और ना ही इस अवैध उत्खनन पर कोई कार्रवाई की गई.
मंत्री परिवार पर अवैध उत्खनन का आरोप
नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने बताया कि नारंगी नदी में भी जल की समस्या बनी हुई है. गर्मी का मौसम है और नदी पूरी तरह से सूख गई है.
ऐसे में तस्करों की नजर इस पर पड़ी हुई है. चंदन कश्यप ने आरोप लगाते हुए कहा कि खुद मंत्री केदार कश्यप के परिवार के लोग ही रेत के अवैध उत्खनन में शामिल हैं.
ग्रामीणों से शिकायत मिलने के बाद जब वह अपनी टीम के साथ नारंगी नदी पहुंचे तो वहां जिन वाहनों से उत्खनन किया जा रहा था, उनके रजिस्ट्रेशन नंबर की पतासाजी करने पर केदार कश्यप के भाई दिनेश कश्यप की पत्नी जो की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं उनके नाम पर वाहन होना पाया गया. साथ ही जेसीबी मशीन भी उन्हीं के नाम पर होना पाया गया.
नियम के विरुद्ध खनन पर प्रशासन मौन
पंचायत राज अधिनियम के तहत रेत खदान के लिए पंचायत से अनुमति ली जाती है, लेकिन इस खदान के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई और ना ही प्रशासन ने इसे लीज पर किसी को दिया है.
कुल मिलाकर गौण खनिज का अवैध उत्खनन किया जा रहा है.
वन मंत्री का गृह ग्राम होने की वजह से प्रशासन के अधिकारी भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.
पूर्व विधायक ने बताया कि कई बार फोन लगाने के 2 घंटे बीतने के बाद भी कोई भी सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और ना ही वाहनों पर किसी तरह की कार्रवाई की गई.
बकायदा उत्खनन जारी रहा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ जहाँ राज्य सरकार तस्करों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं लेकिन खुद जल संसाधन मंत्री के गृह ग्राम में अवैध उत्खनन को लेकर इस तरह के दृश्य सामने आ रहे हैं.
दिनेश कश्यप ने आरोपो को बताया बेबुनियाद
इधर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने पूर्व विधायक चंदन कश्यप के आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि कश्यप परिवार से कोई भी सदस्य रेत के अवैध उत्खनन में शामिल नहीं है.
ना ही कोई गाड़ी उनके परिवार के नाम से रेत खदान के काम में लगी हुई है. पूर्व विधायक बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.
वहीं उन्होंने कहा कि अवैध रेत खदान को लेकर खनिज अधिकारी से इसकी जांच कराई जाएगी.