IIM रायपुर में 'शक्ति रथ 2026' का आयोजन: महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण की गूंज
रायपुर । संवाददाता: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर 'शक्तिरथ 2026' शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया. इस गरिमामयी कार्यक्रम की थीम "भारत-भाग्य-विधाता: विमेन स्क्रिप्टिंग द राइज" रखी गई थी, जिसका उद्देश्य देश के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके नेतृत्व कौशल का जश्न मनाना था.
इस सम्मेलन में देश की दिग्गज महिला लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने शिरकत की और संगठनों को आकार देने में महिलाओं के योगदान पर गहराई से चर्चा की.
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के कॉर्पोरेट रिलेशंस और प्लेसमेंट चेयरमैन प्रोफेसर मोहित गोस्वामी के स्वागत संबोधन से हुई. इसके बाद IIM रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर ने समावेशी इकोसिस्टम की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विकास के लिए सहयोग और नेतृत्व के समान अवसर अनिवार्य हैं.
मुख्य अतिथि के रूप में टीकेआईएल (TKIL) इंडस्ट्रीज की कार्यकारी उपाध्यक्ष नीलम शाह और विशिष्ट अतिथि के रूप में एक्सेंचर की प्रबंध निदेशक पायल पांडा उपस्थित रहीं.
नीलम शाह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि एक महिला की सफलता आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करती है. उन्होंने युवा नेतृत्व को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने और स्पष्टता, प्रामाणिकता व अटूट विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया.
सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं. पहली चर्चा "नेविगेटिंग द वर्क-लाइफ पैराडॉक्स" विषय पर केंद्रित थी, जिसमें आधुनिक कार्यस्थलों में 'आदर्श कर्मचारी' की बदलती परिभाषा पर मंथन हुआ. विशेषज्ञों ने बताया कि अब मूल्यांकन केवल उपस्थिति के बजाय प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर किया जा रहा है.
दूसरी चर्चा "बोर्डरूम इन्फ्लुएंस और कॉर्पोरेट गवर्नेंस" पर रही, जिसमें पैनलिस्टों ने स्पष्ट किया कि सुशासन केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक निर्णय लेना शामिल है.
समापन सत्र में पायल पांडा ने प्रभावी संचार और बिजनेस केपीआई (KPI) की समझ को नेतृत्व के लिए अनिवार्य बताया. अंत में प्रोफेसर मोहित गोस्वामी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया.