रायगढ़ में मरीन ड्राइव के लिए मकानों की तोड़फोड, भारी तनाव
रायगढ़ में मरीन ड्राइव के लिए मकानों की तोड़फोड़ का भारी विरोध
रायगढ़ | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मरीन ड्राइव निर्माण के लिए भारी विरोध के बावजूद शनिवार सुबह से तोड़फोड़ जारी है. तोड़फोड़ का विरोध करते हुए महिलाएं जेसीबी के सामने बैठ गई थीं. इसके बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी.
विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने बल पूर्वक वहां से हटाया. इसके बाद वहां तनाव की स्थिति निर्मित हो गई. जिसे देखते हुए वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
पूरा मोहल्ला पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. मौके पर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य बड़े अधिकारी भी पहुंचे हुए हैं.
इससे पहले शुक्रवार की रात सैकड़ों की संख्या में मोहल्लेवासियों ने कलेक्टर बंगले का घेरा किया था. बंगले के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की थी.
काफी हंगामे के बावजूद कोई परिणाम नहीं निकला. अधिकारी मरीन ड्राइव निर्माण को लेकर अपनी बातों पर अडिग रहे.
कल रात जिस प्रकार से आक्रोशित मोहल्लेवासी सड़क पर उतर आए थे, उसे देखते हुए रात से ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया.
रात में ही भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया ताकि हालात नियंत्रण में रहे.
महिलाएं बैठीं पोकलेन के सामने
शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे निगम के अधिकारी पुलिस बल के साथ तोड़फोड़ करने पहुंचे. आधा दर्जन जेसीबी और ट्रैक्टर के साथ निगम का तोडू दस्ता मौके पर पहुंचा.
निगम के अधिकारी जैसे ही बुलडोजर चलाना शुरू किए, मोहल्लेवासी विरोध करते हुए सामने आ गए. कुछ महिलाएं तो पोकलेन मशीन के सामने बैठ गईं.
महिलाएं अपने घर को बचाने के लिए जमकर विरोध करती रहीं. इस दौरान पुलिस से झूमाझटकी भी हुई.
पुलिस ने पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष बरखा सिंह सहित कुछ महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है. इस दौरान विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो गई.
100 घर तोड़ने 295 लोगों को नोटिस
ज्ञात हो कि शहर की केलो नदी के किनारे कयाघाट क्षेत्र में मरीन ड्राइव बनाना प्रस्तावित है.
इसके लिए नगर निगम ने 100 से अधिक अवैध घरों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किया है. पहले राउंड में 20 घरों को तोड़ा जा रहा है.
इसके बाद बचे हुए बाकी घरों को तोड़ा जाएगा. नगर निगम ने कयाघाट के 295 लोगों को नोटिस दिया है.
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि उन्हें बिना पूर्व सूचना के जबरन उजाड़ा जा रहा है. रात 9.30 बजे उन्हें नोटिस थमाकर कहा गया कि कल सुबह 8 बजे तक घर खाली कर दो.
इसके बाद आज तोड़फोड़ शुरू कर दी गई. कार्रवाई से नाराज प्रभावित लोगों ने मंत्री ओपी चौधरी के बंगले के बाहर भी नारेबाजी की.
लोगों का कहना है कि वर्षों से वे यहां रह रहे हैं और अचानक मरीन ड्राइव परियोजना के नाम पर उनके घरों को तोड़कर उन्हें बेघर किया जा रहा है.
इस दौरान मौके पर पहुंचे एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सभी प्रभावितों को घर के बदले घर और जमीन के बदले जमीन दी जाएगी. तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए और वापस लौटे.