शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

हाई कोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज की

C

CG Khabar

16 मई 2026, 01:54 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन रैकेट से जुड़े मामले में कारोबारी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी है. न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आर्थिक अपराध सार्वजनिक धन की भारी हानि से जुड़े गंभीर अपराध हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को समग्र रूप से प्रभावित करते हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन से जुड़े आर्थिक अपराधों को अधिक गंभीरता से लिया जाना चाहिए.


सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जांच में मिले साक्ष्य प्रथम दृष्टया यह संकेत देते हैं कि मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों को उनके वैध बिलों और बकाये के भुगतान के लिए अवैध कमीशन देने पर मजबूर किया जा रहा था. 


अभियोजन पक्ष ने अनवर ढेबर को इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार और प्रमुख लाभार्थी बताया है. कोर्ट ने गवाहों के बयानों, इलेक्ट्रॉनिक संचार और वित्तीय कड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि यह अवैध वसूली बिचौलियों के माध्यम से एक संगठित तरीके से की जा रही थी.


बचाव पक्ष की इस दलील को भी अदालत ने खारिज कर दिया कि यह एफआईआर शराब घोटाले से जुड़े पुराने मामले का ही हिस्सा है. 


हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला मैनपावर एजेंसियों से जुड़े कथित अवैध कमीशन और अलग लेनदेन से संबंधित है. इसके साथ ही, जांच में देरी और हिरासत बढ़ाए जाने के तर्कों को भी अदालत ने स्वीकार नहीं किया. 


कोर्ट ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों और जटिल वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच में दस्तावेज़ जुटाने के लिए समय की आवश्यकता होती है.


सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे आर्थिक अपराध सुशासन, सार्वजनिक प्रशासन और संस्थागत निष्पक्षता की नींव पर चोट करते हैं. इसके अलावा, अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस चिंता पर भी सहमति जताई कि रसूखदार और राजनीतिक-वित्तीय प्रभाव होने के कारण आरोपी को जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है या जांच में बाधा डाल सकता है. 


फिलहाल बेनामी संपत्तियों और अन्य संलिप्त लोगों को लेकर जांच जारी है, जिसके चलते अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP