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हाई कोर्ट HC: रेप पीड़िता के सुसाइड पर दोगुनी सजा

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21 जून 2026, 01:24 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाले फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई बलात्कार पीड़िता हमले के कारण मिले मानसिक आघात, अपमान और मनोवैज्ञानिक संकट के सीधे परिणामस्वरूप अपनी जान दे देती है, तो दोषी को आत्महत्या के लिए उकसाने का भी अपराधी माना जाएगा.


हाई कोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने साल 2004 के एक पुराने मामले में दोषी विजय कुमार की 21 साल पुरानी अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की. अदालत ने माना कि आरोपी के कृत्य का पीड़िता की आत्महत्या से सीधा संबंध था. 


ऐसे में बलात्कार और घर में जबरन घुसने के अलावा, दोषी पर तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत भी दोषसिद्धि पूरी तरह सही है.


यह पूरा मामला 22 अगस्त 2004 का है, जब कसडोल इलाके में आरोपी ने एक महिला के घर में अकेले पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने अपने भाई और भाभी को आपबीती बताई और आत्मदाह कर लिया. 


अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया था. 


ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376(1), 306 और 450 के तहत दोषी ठहराया, और उसे बलात्कार के लिए 10 साल के कठोर कारावास तथा आत्महत्या के लिए उकसाने और घर में अनधिकृत प्रवेश (हाउस ट्रेसपास) के लिए सात साल की सजा सुनाई.


सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बचाव पक्ष के उस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि आरोपी द्वारा उकसाने का कोई सीधा सबूत नहीं है. अदालत ने कहा कि भारतीय समाज में बलात्कार का शिकार हुई महिला को गंभीर सामाजिक कलंक और सम्मान खोने के डर से गुजरना पड़ता है. 


घटना के दिन ही पीड़िता द्वारा उठाया गया यह आत्मघाती कदम आरोपी के कृत्यों का ही सीधा परिणाम था, जो आईपीसी की धारा 107 के तहत 'उकसाने' के दायरे में आता है.


अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट, घटना स्थल से मिले फटे हुए कपड़ों और पीड़िता द्वारा परिजनों को दिए गए बयान को पुख्ता सबूत मानते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा. इसके साथ ही, जमानत पर बाहर चल रहे दोषी को दो महीने के भीतर सरेंडर करने और अपनी बची हुई सजा काटने का निर्देश दिया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP