हरियाणा IPS की मौत: परिवार को मिलेगा न्याय, CM सैनी का आश्वासन
चंडीगढ़ । डेस्क: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री ने शनिवार 11 अक्टूबर, 2025 को कहा, "दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा."
आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के बाद छोड़े गए 'अंतिम नोट' में नाम आने वाले अधिकारियों में से एक, रोहतक के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारनिया को हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है. उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया SP नियुक्त किया गया है. बिजारनिया की तरह ही, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर का नाम भी नोट में सामने आया है.
मुख्यमंत्री सैनी ने पूरन कुमार की मौत को "दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना" बताते हुए, पंचकुला में एक भारतीय जनता पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में परिवार को न्याय दिलाने का वादा किया. उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया.
ऑटोप्सी के लिए परिवार का इनकार
मृतक अधिकारी के परिवार ने 'अर्थपूर्ण जांच' पूरी होने तक शव का ऑटोप्सी (पोस्टमार्टम) कराने की सहमति देने से इनकार कर दिया है. 'जस्टिस फॉर वाई. पूरन कुमार' के लिए गठित 31 सदस्यीय समिति के प्रवक्ता जय नारायण ने मांग की है कि सभी जिम्मेदार लोगों को सेवा से बर्खास्त किया जाए. पंजाब के बठिंडा से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और मृतक के साले, अमित रतन ने पुलिस पर बिना सहमति के शव को स्थानांतरित करने का आरोप लगाते हुए इसे अन्याय बताया. हालांकि, चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम परिवार की सहमति के बाद ही किया जाएगा.
मामले में FIR और SIT का गठन
चंडीगढ़ पुलिस ने 7 अक्टूबर को अपने आवास पर गोली लगने से मृत पाए गए 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार (52) के कथित सुसाइड नोट में नामित आरोपियों के खिलाफ 10 अक्टूबर को धारा 108 के साथ पठित 3(5) (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की 3(1)(r) के तहत FIR दर्ज की है. वह हरियाणा के रोहतक स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC), सुनारिया में पुलिस महानिरीक्षक (IGP) के पद पर तैनात थे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी मृतक अधिकारी के परिवार से मुलाकात की और केंद्र तथा हरियाणा सरकार से परिवार की भावनाओं का सम्मान करने और न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.