रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

गुजरात में दो साल में 300 से अधिक शेरों की मौत

C

CG Khabar

12 सित. 2025, 05:31 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

सिंह
सिंह

गांधीनगर । डेस्क: गुजरात में पिछले दो वर्षों में कम से कम 307 एशियाई शेरों की मौत हुई है, जिनमें से 41 की मृत्यु अप्राकृतिक कारणों से हुई. यह जानकारी राज्य के वन मंत्री मूलुभाई बेरा ने विधानसभा में दी.


आम आदमी पार्टी (आप) विधायक उमेश मकवाना द्वारा प्रश्नकाल के दौरान उठाए गए एक सवाल के जवाब में बेरा ने बताया कि अप्राकृतिक कारणों से होने वाली शेरों की मौत को रोकने के लिए राज्य सरकार ने इन दो वर्षों में विभिन्न उपायों पर 37.35 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

विज्ञापन


उन्होंने सदन को बताया कि अगस्त 2023 से जुलाई 2024 के बीच 141 शेरों की मौत हुई, जबकि अगस्त 2024 से जुलाई 2025 के बीच 166 शेरों की मृत्यु दर्ज की गई.


इन 307 शेरों में से 41 की मृत्यु अप्राकृतिक कारणों से हुई. इनमें 20 शेर कुओं में गिरने से मरे, नौ अन्य शेर अन्य जलाशयों में डूब गए. अन्य कारणों में प्राकृतिक आपदा (दो शेर), सड़क दुर्घटना (दो), ट्रेन से कुचल जाना (पांच) और बिजली का झटका (तीन) शामिल हैं.


मंत्री ने कहा कि अप्राकृतिक मौतों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जैसे कि जंगली जानवरों के इलाज के लिए विभिन्न स्थानों पर केंद्र स्थापित करना, पशु चिकित्सकों की नियुक्ति, शेरों के लिए समय पर हस्तक्षेप और उपचार के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू करना.


अन्य उपायों में अभयारण्य क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों पर स्पीड-ब्रेकर और साइनबोर्ड लगाना, जंगलों में नियमित पैदल गश्त, जंगलों के पास खुले कुओं के लिए पैरापेट दीवारें बनाना, गिर वन्यजीव अभयारण्य के पास रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बाड़ लगाना और एशियाई शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेडियो-कॉलरिंग शामिल हैं.


2025 की जनगणना के अनुसार, गिर वन्यजीव अभयारण्य और इसके आसपास के क्षेत्रों में 891 एशियाई शेरों का निवास है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP