पटेल के बाद की सरकारों ने गंभीर गलतियाँ कीं- PM मोदी
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी राष्ट्रीय एकता की विरासत की जमकर प्रशंसा की. पीएम मोदी ने पटेल को लौह पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता के बाद 550 से अधिक रियासतों को एक साथ लाने का "लगभग असंभव कार्य" पूरा किया.
पीएम मोदी ने पटेल के बाद आई कांग्रेस सरकारों पर देश की संप्रभुता की रक्षा में समर्पण न दिखाने और राष्ट्रीय एकता को खतरे में डालने के लिए जमकर निशाना साधा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पटेल ने एक मजबूत और एकजुट भारत की नींव रखी, लेकिन बाद की सरकारों ने कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सलवाद/माओवादी हिंसा के मामलों में "गंभीर गलतियाँ" कीं. उन्होंने विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के मुद्दे को उठाया, आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू के फैसले ने पटेल को पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत में एकीकृत करने से रोक दिया-"परिणामस्वरूप, कश्मीर विभाजित हो गया, उसका अपना संविधान और झंडा था, और कांग्रेस की गलतियों के कारण भारत को दशकों तक 'पीड़ा' झेलनी पड़ी."
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नरम नीतियों ने कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के अवैध नियंत्रण में जाने दिया और आतंकवाद को बढ़ावा दिया. उन्होंने अपनी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाकर, उनकी सरकार ने कश्मीर को आज मुख्यधारा के भारत से जोड़ा है और उनकी सरकार पटेल के दृष्टिकोण का अनुसरण कर रही है.
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया और कहा कि अब दुनिया ने भारत की ताकत देख ली है कि अगर कोई देश की ओर आँख उठाता है, तो "भारत घर में घुस कर मारता है."
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर ब्रिटिश शासन से सत्ता और पार्टी ही नहीं, बल्कि "गुलाम मानसिकता" भी विरासत में लेने का आरोप लगाया. उन्होंने 'वंदे मातरम' का उदाहरण देते हुए दावा किया कि अंग्रेजों ने जिस गीत को बैन करने की कोशिश की, कांग्रेस ने धार्मिक आधार पर उसके एक हिस्से को हटाकर वही काम किया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' को तोड़ने, काटने और विभाजित करने का निर्णय लेकर भारत के विभाजन की नींव रखी थी.