गेवरा खदान: भू-विस्थापित किसानों का प्रदर्शन, नौकरी की मांग
कोरबा । संवाददाता: एसईसीएल की गेवरा कोयला खदान से प्रभावित भू-विस्थापित किसानों ने सोमवार को वैकल्पिक रोजगार और हेवी ब्लास्टिंग पर रोक की मांग को लेकर जोरदार आंदोलन किया. छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान खदान में मिट्टी और कोयला खनन का काम पूरी तरह ठप करा दिया गया. आंदोलनकारियों ने साइलो संचालन भी बंद करा दिया, जिससे रैक लोडिंग का कार्य प्रभावित हुआ.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तैनात किए गए. करीब पांच घंटे तक खदान का काम बंद रहा, जिससे प्रबंधन पर दबाव बना.
आंदोलन को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि खदान विस्तार के नाम पर ग्रामीणों की पूरी जमीन ले ली जाती है, लेकिन रोजगार देते समय सभी प्रभावित परिवारों को काम नहीं दिया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावितों के हिस्से के रोजगार बाहरी लोगों को सौंपे जा रहे हैं और इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है. विस्थापन के बाद प्रभावित परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधरने के बजाय और खराब हुई है.
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को खेती से अलग कर दो एकड़ जमीन के नाम पर पहले ही रोजगार से वंचित किया जा चुका है और अब वैकल्पिक रोजगार की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं. कोरबा में विकास के नाम पर प्रभावित परिवारों की लगातार अनदेखी की जा रही है. झा ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं किया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने आउटसोर्सिंग कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावितों को प्राथमिकता दिए बिना ही खदान विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि पहले सेफ्टी जोन बनाया जाए, उसके बाद ही विस्तार कार्य शुरू किया जाए.
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेता दामोदर श्याम ने बताया कि खदान में हो रही हेवी ब्लास्टिंग से आसपास के गांवों के मकानों में दरारें पड़ रही हैं और लोगों में डर का माहौल है. खदान से उड़ने वाली धूल और डस्ट के कारण गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, जबकि घरों में रखा सामान भी खराब हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है.
लगभग पांच घंटे तक चले आंदोलन के बाद एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने दो दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ.