ग्रासरूट टैलेंट आइडेंटिफिकेशन: गांव-गांव से तराशे जाएंगे भावी चैंपियन
जगदलपुर । संवाददाता: बस्तर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और सुदूर अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की एक नई और व्यापक पहल शुरू की गई है. राज्य सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने 'ग्रासरूट टैलेंट आइडेंटिफिकेशन' अभियान का आगाज किया है, जिसके तहत गांव और ब्लॉक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें तराशा जाएगा.
इस संबंध में बस्तर जिले सहित प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
इस नई कार्ययोजना की सबसे बड़ी खासियत विभिन्न विभागों के बीच का समन्वय है. अब केवल खेल विभाग के आयोजनों तक प्रतिभा खोज सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित विकासखंड और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भी जिला खेल अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है.
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि संसाधनों या सही मार्गदर्शन के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार खिलाड़ी पीछे न छूट जाएं.
चयनित होने के बाद एथलीटों को सिर्फ नामांकित करके नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें खेल अकादमियों में प्रवेश, विशेषज्ञ कोचों द्वारा प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और सरकारी आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं से सीधा जोड़ा जाएगा.
अभियान की पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए जिला खेल अधिकारी हर महीने प्रतियोगिताओं और चयनित खिलाड़ियों की विस्तृत रिपोर्ट सीधे खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय को सौंपेंगे.
नियमित मॉनिटरिंग के जरिए इन खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा, ताकि वे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें.