रायगढ़ में 25 दिनों के भीतर चौथे हाथी शावक की मौत
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से वन्यजीव प्रेमियों को विचलित करने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां पिछले 25 दिनों के भीतर चौथे हाथी शावक ने दम तोड़ दिया है. ताजा मामला खरसिया वन परिक्षेत्र का है, जहां गुर्दा और देहजरी के बीच बहने वाली मांड नदी में 3 से 5 महीने के एक नन्हे हाथी का शव तैरता हुआ मिला.
सोमवार सुबह जब ग्रामीणों ने नदी में शावक का शव देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया. तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, जिसके बाद विभागीय अमले ने ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला.
इस दर्दनाक घटना को लेकर डीएफओ अरविंद पीएम ने बताया कि शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए शावक की मौत पानी में डूबने की वजह से होने की आशंका है. रविवार की रात छाल रेंज की तरफ से करीब 52 हाथियों का एक बड़ा दल इस इलाके में पहुंचा था.
माना जा रहा है कि यह झुंड मांड नदी के संगम क्षेत्र में पानी पीने या नहाने आया होगा, जिसके बाद बाकी दल तो वापस लौट गया, लेकिन यह शावक हादसे का शिकार हो गया. फिलहाल वन विभाग ने पंचनामा तैयार कर शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का सटीक खुलासा हो सके.
काबिलेगौर है कि रायगढ़ के जंगलों में इन दिनों गजराज के कुनबे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. बीते 25 दिनों में चार मासूम शावकों की जान जाना बेहद चिंताजनक है. इससे पहले 24 मई को आमागुड़ा-पुसल्दा क्षेत्र के एक तालाब में शावक का शव मिला था.
वहीं 11 मई को तरकेला गांव के केराझरिया जंगल में स्थित एक डैम के दलदल में फंसने से एक शावक की मौत हो गई थी, जिसकी मां अपनी सूंड से उसे उठाने की कोशिश करती रही और यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुआ था.
इसके अलावा 8 मई को भी छाल रेंज के घोघरा डैम में डूबने से 6 महीने के एक शावक की मौत हुई थी. लगातार हो रही इन मौतों ने वन विभाग की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.