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बस्तर की राशन दुकानों में खाद्य विभाग की जांच, गड़बड़ी की आशंका

छत्तीसगढ़ के बस्तर में राशन दुकानों में खाद्य विभाग की जांच, गड़ब़ड़ी की आशंका

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08 अप्रै. 2025, 12:49 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

 राशन दुकानों में खाद्य विभाग की जांच
राशन दुकानों में खाद्य विभाग की जांच

जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में खाद्य विभाग द्वारा राशन दुकानों के स्टॉक की जांच की जा रही है.


पीडीएस प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले नि:शुल्क राशन में पिछले साल बस्तर में करीब 15 करोड़ की गड़बड़ी होने का मामला सामने आया था. एक साल बाद फिर से खाद्य विभाग की टीम जिले की सभी 485 राशन दुकानों का भौतिक सत्यापन कर ऑनलाइन स्टॉक और गोदाम में रखे स्टॉक के अंतर की जांच कर रही है.


खाद्य विभाग का कहना है कि पिछले साल राशन दुकानों में स्टॉक के हिसाब-किताब में काफी गड़बड़ी पाई गई थी. चावल की हेराफेरी की शिकायत भी सामने आई थी. जिसके बाद दोषी राशन दुकान संचालकों पर कार्रवाई की गई थी.


इस साल राज्य शासन से आदेश मिलने के बाद एक बार फिर से बस्तर की सभी राशन दुकानों में ऑनलाइन स्टॉक और दुकानों के गोदाम में रखे स्टॉक की जांच की जा रही है. इसके लिए जांच टीम का गठन किया गया है.


बीते साल 15 करोड़ की निकली थी गड़बड़ी 

खाद्य विभाग के अधिकारी घनश्याम सिंह राठौर ने बताया कि शासन ने पीडीएस दुकानों की जांच को लेकर एक आदेश जारी किया है.


इसमें राशन दुकानों में चावल ,शक्कर, गुड़ और चना के स्टॉक की जांच की जा रही है. जांच में सबसे अधिक गड़बड़ी चावल में ही होने की आशंका है.


पिछले साल हुई जांच में करीब 15 करोड़ रुपए की गड़बड़ी मिली थी.


इसके बाद राशन दुकान संचालकों से नगद और सामान के रूप में बकाया जमा किया गया था.


खाद्य अधिकारी का कहना है कि विभाग की टीम द्वारा राशन दुकानों में बचे खाद्यान्न के स्टॉक की जांच की जा रहा है और राशन दुकानों की जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित राशन दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी.

लंबे समय से हो रही चावल की तस्करी

दरअसल लंबे समय से बस्तर में राशन दुकानों में मिलने वाले चावल की कालाबाजारी के मामले सामने आ रहे हैं.


हालांकि कुछ मामलों में जरूर विभाग के द्वारा कार्रवाई भी की गई है, लेकिन लगातार राशन दुकान संचालकों द्वारा हितग्राहियों को मिलने वाले राशन में सेंधमारी कर इसे बस्तर से लगे उड़ीसा राज्य में बेच दिया जाता है.


इधर विभाग के द्वारा इस साल भी स्टॉक की जांच करने की बात कही जा रही है, लेकिन जिले की अधिकांश राशन दुकानों में हर साल स्टॉक की कमी के मामले सामने आते रहे हैं.


वहीं रिकवरी के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है.


यही वजह है कि पिछले साल विभाग ने जांच में करीब 15 करोड़ रुपए की गड़बड़ी को पकड़ा था.


इसके बावजूद गड़बड़ी को पूरी तरह से पकड़ पाने में और दुकान संचालको से 100 प्रतिशत रिकवरी करने में विभाग नाकाम ही साबित हुआ है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP