नेपाल में फ्लैश फ्लड का कहर: 72 की मौत, सैकड़ों लापता
काठमांडू । डेस्क: नेपाल के रसुवा और उसके आसपास के सात जिलों में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, बुधवार शाम तक 72 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं. संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप होने और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण राहत व बचाव कार्य में गंभीर बाधाएं आ रही हैं.
सब्सक्रिप्शन और रिपोर्ट के मुताबिक, चितवन में सबसे ज्यादा 28, धादिंग में 18, नुवाकोट में 11, गोरखा में 9, तनहुं में 4, जबकि रसुवा और नवलपरासी पूर्व में 1-1 शव मिले हैं.
रसुवा के तिमुरे क्षेत्र से नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 32 सुरक्षाकर्मी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हैं. इसके अलावा, तिमुरे स्थित रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 15 कर्मचारी और भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से वाणिज्यिक बैंकों की शाखाएं बह जाने से 26 बैंककर्मी भी संपर्क से बाहर हैं.
इस आपदा का सबसे बड़ा असर 20 मेगावाट क्षमता वाली लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना पर पड़ा है. परियोजना के प्रमोटर विजय मोहन भट्टराई के अनुसार, प्रोजेक्ट से जुड़े 60 लोग लापता हैं, जिनमें 25 इंजीनियर, ड्राइवर व किचन स्टाफ और सुरंग के भीतर काम कर रहे 35 मजदूर शामिल हैं. यह प्रोजेक्ट निर्माण कार्य पूरा कर चुका था और दो दिन बाद इसका परीक्षण शुरू होना था.
उधर, नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लगभग 400 तीर्थयात्री बाढ़ और भूस्खलन के कारण कट गए हैं. टच कैलाश ट्रेवल्स के अनुसार, इनमें 93 नेपाली नागरिकों सहित कुल 390 श्रद्धालु शामिल हैं, जो विभिन्न ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से तिब्बत जा रहे थे.
ट्रैकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल ने बताया कि सीमावर्ती सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के कारण यात्रियों से संपर्क साधने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं.