भिलाई टाउनशिप पर 'अस्तित्व' का संकट: 10 हजार परिवार प्रभावित
भिलाई । संवाददाता: भिलाई टाउनशिप में सेल (SAIL) प्रबंधन की नई आवास नीति और रिटेंशन व्यवस्था को समाप्त किए जाने की खबरों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस्पात मंत्रालय को सौंपे गए नए डीपीआर में रिटेंशन का उल्लेख न होने और लगातार जारी किए जा रहे आवास खाली करने के नोटिसों से टाउनशिप के हजारों परिवारों का भविष्य दांव पर लग गया है.
इस संभावित बदलाव से करीब 10,000 से अधिक परिवारों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद स्थानीय लोगों के बीच गहरा असंतोष फैल गया है.
इसी मुद्दे को लेकर बीते शनिवार शाम भिलाई की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. 'भिलाई सत्याग्रह' के बैनर तले युवा कांग्रेस और स्थानीय नागरिकों ने 'भिलाई को बचाना है' अभियान की शुरुआत करते हुए सेक्टर-1 स्थिति मुर्गा चौक से भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के मेन गेट तक विशाल विरोध मार्च निकाला.
प्रदर्शनकारी लीज रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस आवास आवंटन, रेंट रिटेंशन नीति में बदलाव और बीएसपी के कथित निजीकरण का पुरजोर विरोध कर रहे थे.
प्लांट के मुख्य द्वार पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जहां लगभग 200 पुलिसकर्मियों और 150 सीआईएसएफ (CISF) जवानों की तैनाती के साथ तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी. मार्च करते हुए पहुंचे 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ भारी झूमाझटकी हुई.
इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया; कुछ युवक पेड़ों पर चढ़ गए और बैरिकेड्स लांघने की कोशिश करने लगे. करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान पुलिस बल ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित रखा और प्रदर्शनकारियों को मेन गेट के करीब जाने से रोके रखा.
प्रदर्शन में शामिल हुए भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव ने बीएसपी प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत टाउनशिप की बसाहट को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इस बहुमूल्य जमीन को निजी संस्थाओं या बिल्डरों के हवाले किया जा सके.
विधायक ने स्पष्ट लहजे में कहा कि भिलाई की सामाजिक पहचान को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा और वे जनता के साथ मिलकर आंदोलन जारी रखेंगे. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि टाउनशिप का एक भी घर खाली नहीं होने दिया जाएगा.
दरअसल, पूरे विवाद की मुख्य वजह मोनेटाइजेशन नीति के तहत रिटेंशन व्यवस्था को खत्म करने की आशंका है. पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन बीएसपी की सेवा में लगा दिया और टाउनशिप के विकास में उनका अहम योगदान रहा है.
इसके बावजूद उनसे 10 लाख रुपए तक की सिक्योरिटी डिपॉजिट और भारी-भरकम किराए की वसूली के बाद अब 24 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से नया किराया वसूलने की योजना बनाई जा रही है. लाइसेंस और लीज पर रह रहे लोगों को लगातार दिए जा रहे नोटिसों से असमंजस और डर का माहौल गहरा गया है.