हाथियों ने 32 एकड़ में लगी फसल को किया चौपट
कोरबा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कटघोरा व कोरबा वन मंडल में हाथियों के उत्पात से किसान परेशान हैं. कुदमुरा, पसरखेत, पसान व केंदई रेंज में अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हाथियों के दल ने पिछले छह दिनों के भीतर 32 एकड़ से अधिक की फसल को नुकसान पहुंचाया है. किसान फसल का नुकसान होने से निराश व हताश हैं.
हाथी प्रभावित क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस बार आषाढ़ और सावन में अच्छी बारिश होने के बाद भी हाथियों के डर से अभी तक रोपा और बियासी का काम पूरा नहीं हुआ है. रबी फसल के समय से यहां हाथियों का डेरा है. नदी-नालों में पानी होने से दल आगे नहीं बढ़ रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि अंबिकापुर के घने जंगल से कटघोरा, कोरबा वन मंडल होते हुए धरमजयगढ़ तक हाथियों का आना-जाना लगा रहता है.
पिछले कुछ साल से हाथियों ने कटघोरा के पसान, केंदई व कोरबा वन मंडल के कुदमुड़ा, पसरखेत क्षेत्र को अपना स्थाई ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है.
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह दिनों से हाथियों का उत्पात काफी बढ़ गया है. गुरुवार की रात को 13 हाथियों का झुंड कटघोरा के वन मंडल के ग्राम सिरकी के निकट आ गया.
यहां रोपाई किए खेतों को रौंद दिया. साथ ही थरहा को भी नुकसान पहुंचाया.
इसी तरह जटगा रेंज के ग्राम बांझीबन में पिछले चार दिनों से लगभग 23 हाथियों का झुण्ड विचरण कर रहा है.
गांव में लगातार फसल को हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं. हालांकि अभी तक जनहानि नहीं हुई है.
क्षेत्र में दहशत का माहौल
वन विभाग की कड़ी निगरानी के चलते अभी तक हाथी घरों तक नहीं पहुंच सके हैं. लेकिन पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. ग्रामीण सावधानी बरतते हुए, वन विभाग का सहयोग करते हुए रतजगा कर रहे हैं.
बताया गया कि हाथी दिन में पहाड़ की ओर रहते हैं. जैसे ही शाम-रात होती है, वहां से निकलकर खेतों तक पहुंचकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
बीती रात को ग्राम पंचायत झोराघाट के कलाके ग्राम में 23 हाथियों के झुंड ने कई एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया है. हाथियों द्वारा खेतों में घुसकर खड़ी फसल को रौंद दिया गया है.
किसानों ने दूसरे दिन इसकी जानकारी कटघोरा डीएफओ को दी है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों के दल को खदेड़कर बांधीबांध की ओर भेज दिया है.
प्रभावित किसानों ने वन विभाग से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि हाथियों के खाने से ज्यादा फसल को रौंदने से क्षति होती है.
बताया गया कि वन विभाग द्वारा प्रति एकड़ फसल नुकसान में 22 हजार 300 रुपए भुगतान का प्रावधान है. प्रशासन से 45 दिनों के भीतर प्रकरण दुरुस्त करने के लिए कहा गया है. वहीं हाथी के हमले से मौत पर छह लाख रुपए भुगतान का नियम है.