IT महानिदेशक सीमा खन्ना अब सीनियर DEC पवन कुमार शर्मा की निगरानी में करेंगी काम
चुनाव आयोग ने अपने IT विभाग की देखरेख के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की है. ECINET ऐप विवाद और आयोग के भीतर अधिकारियों के बीच सामने आए मतभेदों के बाद जारी नया आदेश, जानिए पूरी खबर.
नई दिल्ली । डेस्क: चुनाव आयोग ने अपनी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) डिवीजन के कामकाज की देखरेख के लिए एक वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी है. आयोग का यह IT ऐप मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वैधानिक अधिकारियों से मतदाता सूची को संपादित करने का अधिकार छीनने के आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में आया हुआ है.
चुनाव आयोग द्वारा बुधवार को जारी कार्य आवंटन संबंधी कार्यालय आदेश संख्या 226/7/2026 के अनुसार, IT महानिदेशक सीमा खन्ना को अब सीनियर उप चुनाव आयुक्त (DEC) पवन कुमार शर्मा की देखरेख में रखा गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सीमा खन्ना इस functional डिवीजन की फाइलें सीनियर DEC (PKS) के माध्यम से ही आगे बढ़ाएंगी.
विपक्ष ECINET प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में कथित आपराधिक हेरफेर और अवैध केंद्रीकरण का आरोप लगाते हुए सीमा खन्ना के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर रहा है.
इससे पहले सितंबर में यह बात सामने आई थी कि 28 जुलाई को तत्कालीन कार्यवाहक प्रशासन प्रमुख व सीनियर DEC मनीष गर्ग द्वारा जारी एक आदेश के जरिए सीमा खन्ना को DEC संजय कुमार की देखरेख से हटा दिया गया था.
इस कदम पर चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और विनीत जोशी ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन से शिकायत की थी कि यह आदेश आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया था. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान अन्य दो चुनाव आयुक्तों द्वारा जताई गई कम से कम 14 आपत्तियों में से यह एक प्रमुख मामला था.
हालांकि, सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय ने इस शिकायत पर हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि तीन सदस्यीय आयोग में से केवल दो सदस्यों की शिकायत पर कार्रवाई करना संवैधानिक निकाय के कामकाज में हस्तक्षेप माना जाएगा.
वहीं, आयोग ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा था कि दो चुनाव आयुक्तों के 30 जुलाई 2026 के संयुक्त निर्देश के बाद 28 जुलाई का वह विवादित आदेश कभी लागू ही नहीं किया गया.
अगस्त में संजय कुमार के दिल्ली सरकार में वापस भेजे जाने के बाद सीमा खन्ना, मनीष गर्ग की देखरेख में काम कर रही थीं. अब बुधवार के नए आदेश के तहत मनीष गर्ग को चुनाव योजना, चुनाव सामग्री (EVM), इंडेक्स कार्ड सहित चुनाव डेटाबेस प्रबंधन डिवीजन तथा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है.
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा
इसी के साथ चुनाव आयोग ने अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) अधिसूचित कर दिया है, जहां हाल ही में SIR का काम पूरा हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम ऐसे दो राज्य हैं जहां SIR के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची प्रारूप सूची से छोटी है, जो बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और नए पंजीकरणों की कम दर को दर्शाती है.
इससे पहले आयोग में उभरे मतभेदों के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वार्षिक SSR बहाल कर दिया गया था. विपक्ष ने शिकायत की थी कि पिछले साल SSR न होने से नए मतदाताओं का पंजीकरण कम हुआ था.
नए नोटिफिकेशन में आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को "पठनीय पीडीएफ़" (readable pdf) मतदाता सूची देने पर सहमति जताई है. SSR के तहत नई सिरे से मतदाता सूची तैयार करने के बजाय केवल मौजूदा सूचियों की प्रविष्टियों की जांच की जाती है, जिससे मतदाताओं को पुरानी गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से खुद को 'मैप' करने की आवश्यकता नहीं होती.