रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

NCERT के नये पाठ्यक्रम में कैप्टन शुभांशु और ऑपरेशन सिंदूर

C

CG Khabar

27 जुल. 2025, 04:06 AM 2 मिनट में पढ़ें 5

एनसीईआरटी
एनसीईआरटी

नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) जल्द ही अपने पाठ्यक्रम में दो नये मॉड्यूल शामिल करने जा रही है. जो भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और राष्ट्रीय सुरक्षा की गाथा को प्रदर्शित करेंगे. 


इन मॉड्यूल्स में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो हाल ही में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने, और ऑपरेशन सिंदूर, जो देश की त्वरित सैन्य कार्रवाई का प्रतीक है, पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.

विज्ञापन


शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ये मॉड्यूल कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिये डिज़ाइन किये जा रहे हैं. 


पहला मॉड्यूल, जो कक्षा 3 से 8 के लिए होगा, और दूसरा मॉड्यूल, जो कक्षा 9 से 12 के लिये होगा, प्रत्येक में आठ से दस पृष्ठ होंगे. इनका उद्देश्य बच्चों को भारत की सैन्य शक्ति, कूटनीति, और अंतर-मंत्रालयी समन्वय के बारे में शिक्षित करना है.


“हमारा लक्ष्य युवा पीढ़ी को भारत की रक्षा क्षमताओं और संप्रभुता की रक्षा के लिये गये निर्णायक कदमों से अवगत कराना है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया. “ये मॉड्यूल छात्रों को यह समझने में मदद करेंगे कि संकट के समय में रणनीतिक निर्णय कैसे लिये जाते हैं और सरकार के विभिन्न अंग एक साथ कैसे काम करते हैं.”


इसके अलावा, पाठ्यक्रम में भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती ताकत को भी रेखांकित किया जायेगा. 


छात्र चंद्रयान, आदित्य एल1, और हाल ही में एक्सिओम मिशन 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उपलब्धियों के बारे में जानेंगे. ये मॉड्यूल वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रज्वलित करने और अंतरिक्ष अनुसंधान में करियर के लिये प्रेरित करने के लिये बनाये गये हैं.


मॉड्यूल्स में मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) को भी शामिल किया जायेगा, जो पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है. 


यह खंड छात्रों को पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये टिकाऊ जीवन शैली की प्रथाओं से परिचित करायेगा. साथ ही, एक अन्य मॉड्यूल में भारत के विभाजन की त्रासदी को शामिल किया जायेगा, जो ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करेगा और देश के प्रारंभिक वर्षों में दिखाये गये साहस के प्रति सहानुभूति जगायेगा.


हालांकि इन मॉड्यूल्स की आधिकारिक लॉन्च तिथि की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इन्हें जल्द ही स्कूलों में लागू किये जाने की उम्मीद है. यह पहल शिक्षा को अधिक प्रासंगिक, समकालीन और राष्ट्रीय पहचान से जोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP