दुर्गापुर गैंगरेप पीड़िता के पिता ने कहा 'बेटी की जान को खतरा'
भुवनेश्वर । डेस्क: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में कथित तौर पर गैंगरेप का शिकार हुई 23 वर्षीय एक मेडिकल छात्रा के पिता ने ओडिशा सरकार से अपनी बेटी की जान को खतरा बताते हुए उसे इलाज के लिए भुवनेश्वर स्थानांतरित करने की भावुक अपील की है.
एमबीबीएस की द्वितीय वर्ष की छात्रा पीड़िता वर्तमान में दुर्गापुर के एक अस्पताल में इलाजरत है. बालासोर जिले के जलेश्वर के निवासी उसके माता-पिता, घटना की सूचना मिलने के बाद तुरंत पश्चिम बंगाल पहुंचे.
पिता ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मेरी बेटी को भुवनेश्वर शिफ्ट करने में मदद करने की अपील करता हूँ. मुझे डर है कि उसकी जान खतरे में हो सकती है."
उन्होंने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल में असुरक्षित महसूस हो रहा है और वे "किसी पर भी भरोसा करने से बहुत डरे हुए" हैं.
दलित समुदाय से आने वाली पीड़िता के साथ कथित तौर पर शुक्रवार 10 अक्टूबर को रात करीब 8 बजे तब दुष्कर्म किया गया जब वह एक पुरुष छात्र के साथ कैंपस से बाहर गई थी.
अधिकारियों के मुताबिक, घटना में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पीड़िता के पिता ने दावा किया, "वे मेरी बेटी को मार डालेंगे. उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन उसकी जान को खतरा है. मैं उन पर भरोसा नहीं कर सकता."
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित टिप्पणी को भी खारिज कर दिया कि लड़कियों को रात में कैंपस से बाहर नहीं निकलना चाहिए. पिता ने इसे घटना को दबाने का प्रयास बताया और कहा कि उनकी बेटी रात 8 बजे बाहर गई थी, आधी रात को नहीं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान उसका पुरुष साथी भाग गया और उसने किसी को सतर्क नहीं किया.
यह अपील मुख्यमंत्री माझी के निर्देश पर बालासोर के अधिकारियों की एक टीम द्वारा शनिवार को अस्पताल का दौरा करने के बाद की गई. मुख्यमंत्री ने उसी रात पिता से फोन पर बात की थी.
अस्पताल का दौरा करने वाले बालासोर के अपर जिलाधिकारी हेमंत सिंह ने कहा, "पश्चिम बंगाल पुलिस ने घटना के 36 घंटे के भीतर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हम संतुष्ट हैं और उम्मीद करते हैं कि पीड़िता को न्याय मिलेगा."