दुर्ग: आर्थिक तंगी के कारण तीन ने आत्महत्या की
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से रविवार को दो अलग-अलग आत्महत्या के मामले सामने आए हैं, जहां कुल तीन लोगों की मौत हो गई. इन दोनों ही घटनाओं के पीछे प्राथमिक तौर पर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव को वजह माना जा रहा है. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत तफ्तीश शुरू कर दी है.
पहला दर्दनाक मामला धमधा इलाके का है, जहां महज 23 साल के एक बेरोजगार युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. बताया जा रहा है कि युवक घर से हैदराबाद जाने की बात कहकर और अपना बैग समेटकर निकला था.
लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद धमधा मरचुरी से करीब आधा किलोमीटर दूर एक पेड़ पर उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया. अचानक हुई इस घटना से युवक के परिवार में कोहराम मच गया है.
वहीं दूसरी ओर, भिलाई के वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वृंदानगर (कैंप-1) में एक घर के भीतर पति-पत्नी मृत अवस्था में पाए गए. मृतकों की पहचान 55 वर्षीय ऑटो चालक जी वेंकटरमण मूर्ति और उनकी 52 वर्षीय पत्नी जी विद्यावती के रूप में हुई है. रविवार सुबह करीब 9 बजे जब वेंकटरमण की मां उनसे मिलने घर पहुंचीं, तब इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ.
घर के पहले कमरे में बहू की लाश पड़ी थी, जबकि अंदर वाले कमरे में बेटे का शव नायलॉन की रस्सी के सहारे फंदे पर झूल रहा था.
घटना की सूचना मिलते ही वैशाली नगर पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए. भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, हालांकि पुलिस को एक मोबाइल फोन मिला है जिसे खंगाला जा रहा है.
शुरुआती जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी और पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे. मृत महिला के गले पर फंदे के निशान भी मिले हैं.
पुलिस फिलहाल घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और मर्डर-कम-सुसाइड समेत सभी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है. मृतक दंपती का बेटा ओडिशा में रहता है, जिसे घटना की जानकारी दे दी गई है और उसके लौटने के बाद मामले में कुछ और नए खुलासे होने की उम्मीद है.