दुर्ग-भिलाई: बिजली की बढ़ी कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग और भिलाई में बिजली की बढ़ती कीमतों तथा स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार शाम को बड़ा आंदोलन किया. राजीव भवन से शुरू हुई इस आक्रोश रैली में सैकड़ों की तादाद में कांग्रेसी कार्यकर्ता तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे.
भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी पटेल चौक पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार का पुतला दहन किया. इस दौरान व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस और आक्रोशित कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झूमाझटकी भी देखने को मिली.
इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग (शहर) अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने संयुक्त रूप से किया. भिलाई में मुकेश चंद्राकर की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बिजली दफ्तर का घेराव कर जमकर आक्रोश जताया.
वहीं दुर्ग में प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर अपने साथ एक स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे और उसे बिजली कार्यालय के सामने ही प्रतीकात्मक रूप से तोड़ दिया. ठाकुर ने इसे आम जनता पर जबरन थोपी जा रही व्यवस्था करार दिया.
आंदोलन के अंत में कांग्रेसी नेताओं ने बिजली विभाग के अफसरों को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बढ़े हुए बिलों की समीक्षा करने, त्रुटिपूर्ण बिलों को रद्द करने और स्मार्ट मीटर योजना पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई. इसके साथ ही अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से एक चिमनी भी सौंपी गई.
कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की नीतियां राज्य को विकास की बजाय अंधेरे की ओर धकेल रही हैं. गौरतलब है कि राकेश ठाकुर इससे पहले भी बिजली विभाग को लालटेन सौंपकर सुर्खियों में रह चुके हैं. इस दौरान पूर्व विधायक अरुण वोरा और दीपक दुबे सहित भारी संख्या में वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखे हमले किए. राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के जरिए आम उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने की कोशिश हो रही है.
उन्होंने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार की 'बिजली बिल हाफ योजना' को याद दिलाते हुए कहा कि आज हर वर्ग महंगे बिलों से त्रस्त है. वहीं धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिजली जैसी बुनियादी जरूरत को भी मुनाफे का जरिया बना दिया है.
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली बिलों में सुधार कर उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी गई, तो इस आंदोलन को उग्र रूप देकर पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा.