क्या भारतीय सैनिकों को टोल टैक्स से छूट मिलती है?
नई दिल्ली । डेस्क: देश की सेवा में दिन-रात तत्पर रहने वाले सैनिकों के बारे में लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं. ऐसा ही एक सवाल है कि क्या सैन्य अधिकारियों और जवानों को टोल टैक्स देना पड़ता है? सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा वायरल होता है कि सैन्य अधिकारी और जवान टोल टैक्स से मुक्त हैं, लेकिन वास्तविकता क्या है और नियम क्या कहते हैं?
ड्यूटी पर तैनात सैनिकों को छूट
यदि सैन्य अधिकारी या जवान ड्यूटी पर हैं और सरकारी सैन्य वाहन में यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें टोल टैक्स नहीं देना पड़ता. यह छूट भारतीय टोल (सेना और वायु सेना) अधिनियम, 1901 के तहत दी जाती है. ऐसे मामलों में, सैनिकों को टोल प्लाजा पर अपनी पहचान पत्र और ड्यूटी से संबंधित दस्तावेज दिखाने होते हैं.
निजी वाहनों में कोई छूट नहीं
जब सैन्य अधिकारी या जवान ड्यूटी पर नहीं होते और अपने निजी वाहन, जैसे कार या बाइक, में यात्रा करते हैं, तो उन्हें सामान्य नागरिकों की तरह टोल टैक्स देना पड़ता है. केवल सैन्य पहचान पत्र दिखाने से छूट नहीं मिलती. यह नियम 2008 के राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमावली में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है.
छूट के लिए आवश्यक दस्तावेज
टोल टैक्स से छूट पाने के लिए सैनिकों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं:
ड्यूटी ऑर्डर या ट्रांजिट पास
यूनिट द्वारा जारी अधिकृत पत्र
वैध पहचान पत्र (जैसे सैन्य पहचान पत्र)
यदि ये दस्तावेज मौजूद हैं और यात्रा आधिकारिक कार्य के लिए है, तो टोल टैक्स नहीं लिया जाता. कृपया ध्यान दें कि सेवानिवृत्त सैनिकों को टोल टैक्स में कोई छूट नहीं दी जाती. हालांकि कई लोग मांग करते हैं कि सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें भी यह सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में ऐसा कोई नियम लागू नहीं है.
टोल टैक्स क्या है?
टोल टैक्स एक शुल्क है जो अंतरराज्यीय एक्सप्रेसवे, पुल, सुरंग, और राष्ट्रीय या राज्य राजमार्गों के उपयोग के लिए लिया जाता है. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देश के पूरे सड़क नेटवर्क का प्रबंधन करता है, जिसमें टोल नीतियां और व्यवस्थाएं शामिल हैं.
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल संग्रह प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले नियम और विनियम तय किए हैं, जिनमें कुछ छूट, कर की वैधता और अन्य कई पहलू शामिल हैं.