जीडीपी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर- टीएस सिंह देव
रायपुर । संवाददाता: देश की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर (जीडीपी ग्रोथ) के सरकारी दावों पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने अर्थव्यवस्था के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी सुविधा और राजनीतिक फायदे के हिसाब से आंकड़े पेश करने की कला में विशेषज्ञता हासिल कर ली है. उनकी मानें तो दिखाई जा रही विकास दर और जमीनी हकीकत के अंतर को केवल समय और अर्थशास्त्रियों का विस्तृत विश्लेषण ही स्पष्ट कर पाएगा.
जीडीपी के साथ-साथ बढ़ती महंगाई को लेकर भी पूर्व उपमुख्यमंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त की है. बाजार में चीनी की कीमतें 75 रुपये के पार पहुंचने और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ेगा.
होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चलाने वाले व्यापारियों के लिए लागत बढ़ने से बाहर खाना और दैनिक उपभोग की चीजें और महंगी हो जाएंगी, जिससे मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ेगा.
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर राहुल गांधी और अन्य विशेषज्ञों की राय का समर्थन करते हुए उन्होंने सत्तापक्ष के रवैये की तीखी आलोचना की. टीएस सिंह देव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व ऐसा संदेश देने की कोशिश करता है मानो देश की सारी प्रगति किसी 'जादुई छड़ी' का नतीजा हो.
उन्होंने कहा कि सरकार देश के करोड़ों मेहनती नागरिकों के योगदान और श्रम को दरकिनार कर सारा श्रेय खुद लेने की होड़ में लगी है, जो कि देशवासियों के प्रयास का अपमान है.