धरमजयगढ़: 51 हाथियों ने रोकी राह, वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
रायगढ़ । संवाददाता: रायगढ़ जिले का धरमजयगढ़ वन मंडल इन दिनों गजराजों का प्रमुख ठिकाना बना हुआ है, जिससे स्थानीय इलाकों में संवेदनशीलता काफी बढ़ गई है. बुधवार की शाम छाल रेंज के अंतर्गत आने वाले औरा नारा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब अचानक 51 हाथियों का एक बड़ा झुंड मुख्य सड़क पर आ पहुंचा.
हाथियों की इस मौजूदगी को देखते हुए वन अमले ने एहतियातन क्षेत्र में हाई अलर्ट लागू कर दिया है.
शाम लगभग 6 बजे बोजिया क्षेत्र की ओर से आए इस दल के सड़क पर कदम रखते ही वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया. इस दौरान सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. झुंड में कई नन्हे शावक भी शामिल थे, जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए बड़े हाथियों ने चारों तरफ से घेर रखा था.
मौके पर तैनात वन कर्मियों और हाथी मित्र दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए राहगीरों को गाड़ियों के भीतर ही रहने की सख्त हिदायत दी और मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने से मना किया. हाथियों के शांतिपूर्वक जंगल की ओर रुख करने के बाद ही इस मार्ग पर यातायात दोबारा सुचारू हो सका.
वन्यजीव विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि जब हाथियों के कुनबे में छोटे बच्चे होते हैं, तो उनका व्यवहार बेहद रक्षात्मक हो जाता है. ऐसे में किसी भी तरह का शोर-शराबा, मानवीय दखल या तेज रोशनी उन्हें भड़का सकती है, जिससे वे हमलावर हो सकते हैं.
हाथियों के पल-पल बदलते रास्तों को ध्यान में रखते हुए अब पुसल्दा, चितापाली, बोजिया, खेदापाली, औरा नारा, बनहर और सिंझीझाप जैसे ग्रामीण इलाकों में मुस्तैदी बढ़ा दी गई है.
वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों के 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं, साथ ही ग्रामीणों को रात के समय खेतों या जंगलों की तरफ न जाने के लिए मुनादी के जरिए जागरूक किया जा रहा है. वर्तमान में इस पूरे वन मंडल में कुल 141 हाथी अलग-अलग समूहों में डेरा डाले हुए हैं.