रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

बलरामपुर में बांध टूटा, 4 लोगों की मौत, 3 लापता

H

Hupendra Sharma

03 सित. 2025, 07:56 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

बलरामपुर में बांध टूटा
बलरामपुर में बांध टूटा

बलरामपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बारिश ने भारी तबाही मचा दी है. जिले के तातापानी से लगे लुत्ती बांध का बड़ा हिस्सा मंगलवार रात करीब 11 बजे टूट गया. बांध टूटने से इसके नीचे स्थिति चार घर इसकी चपेट में आ गए.


बांध का पानी चारों घरों को बहा ले गया. पानी में एक ही परिवार के 6 लोगों के साथ कुल सात लोग बह गए. जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में सास-बहू भी शामिल हैं. जबकि दो बच्चों समेत एक ग्रामीण लापता है. लापता लोगों की तलाश की जा रही है.

विज्ञापन


घटना की सूचना पर देर रात से रेस्क्यू टीम के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.


बताया गया कि बलरामपुर जिले में दो दिनों से हो रही तेज बारिश से बांध लबालब भर गया था. ग्राम धनेशपुर में जल संसाधन विभाग द्वारा इस बांध को साल 1980-81 में बनाया गया था.


यह बांध दो ओर से पहाड़ से घिरा हुआ है. एक ओर से नाला का पानी आता है. कुछ साल पहले बांध में सीपेज हुआ था. जिस पर इसकी मरम्मत भी की गई थी. बीती रात को अचानक बांध की मेड़ टूट गई और मलवा सहित पानी बह गया.


बताया गया कि रात को जब बांध टूटा तो सबसे पहले पानी का सैलाब कालीचरण टोप्पो और रामवृक्ष खैरबार के घर पहुंचा. दोनों के परिवार के सदस्य पानी में बह गए. इस बीच कालीचरण टोप्पो ने बांस को पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई.


वहीं कालीचरण की पत्नी फुलमनी टोप्पो दीवार के नीचे दब गई थी, जिसे बाद में निकाला गया. वह गंभीर रूप से घायल हो गई हैं. जबकि कालीचरण के परिवार के अन्य सदस्यों ने तैरकर जान बचाई.


वहीं रामवृक्ष खैरबार की पत्नी बतसिया (60), बेटा गणेश खैरबार, बहू रजंती (26) उसके दो बच्चे और दूसरी बहू बाढ़ में बह गए. इसमें बतसिया और रजंती का शव झाड़ियों में फंसा मिला.दोनों के शव कल रात ही मिल गए थे. गणेश खैरबार के बड़े बेटे कार्तिक खैरबार (6 वर्ष) का शव बुधवार सुबह मिला. वह कक्षा पहली का छात्र था.


गणेश खैरबार के छोटे बेटे (4 वर्ष) का पता नहीं चला है. वह आंगनबाड़ी में पढ़ता था. बाढ़ में बही एक अन्य महिला चिंता (30) का शव भी मिल गया है.


बाढ़ में बहे संजीवन की बेटी प्रिया (6 वर्ष), सहित दो बच्चे और गणेश खैरबार की तलाश की जा रही है. बाढ़ में जीतन राम की करीब 60 बकरियां भी बह गई.


बताया गया कि घटना के समय रामवृक्ष जाग रहा था. तेज आवाज आने से वह मवेशियों को देखने गया था. इसलिए किसी तरह वह बच निकला.


इसके नजदीक ही एक अन्य ग्रामीण ने मवेशियों को रखने के लिए बथान बनाकर रखा था. एक कच्चा घर भी था. यह भी बांध के पानी की चपेट में आ गया. 


देर रात घटना की जानकारी लगते ही गांव में अफरातफरी का माहौल निर्मित हो गया. जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव की सूचना पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक के साथ पूरा प्राशासनिक अमला और सैकड़ों की संख्या में गांव वाले रात को ही घटनास्थल पर जुट गए. रात से ही बचाव व राहत का काम शुरू किया गया. 


घटनास्थल पर बुधवार सुबह पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह पहुंचे. पूर्व विधायक ने कहा कि बांध क्षतिग्रस्त हो गया था. इसकी सूचना ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दी थी, लेकिन मरम्मत नहीं की गई. बांध मुरम वाली मिट्टी से बना था, जो ज्यादा पानी बर्दाश्त नहीं कर सका औरकी गई थी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP