जैव विविधता के साथ खिलवाड़ और भ्रष्टाचार
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में जंगल विभाग द्वारा जैव विविधता के साथ खिलवाड़ और भ्रष्टाचार
जगदलपुर |संवाददाताः छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में स्थित जैव विविधता वाले लामनी पार्क में वन विभाग द्वारा घोर लापरवाही का मामला सामने आया है.
पार्क के भीतर लगभग 5 कि.मी का डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है. नियमों को ताक पर रखकर पार्क के अंदर ही मिट्टी और मुरुम की खुदाई कर सड़क निर्माण में उपयोग किया जा रहा है. यह जैव विविधता पार्क के नियमों के विरुद्ध है.
करोड़ों रुपए की लागत से बन रही डब्ल्यूबीएम सड़क में बाहर से मिट्टी और मुरुम की खरीदी दिखाई जा रही है. लेकिन वन विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिली भगत के चलते वन संरक्षण अधिनियम के विरुद्ध पार्क के अंदर ही खुदाई कर मिट्टी निकाली जा रही है.
भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में वन विभाग के बड़े अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है.
वन संरक्षण अधिनियम के खिलाफ
वन विभाग के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार संजीव पचौरी बताते हैं कि फॉरेस्ट विभाग के जैव विविधता वाले लामिनी पार्क में डब्ल्यूबीएम सड़क बनाए जाने का कोई औचित्य नहीं है.
इस पार्क के अंदर किसी भी वाहन का प्रेवेश वर्जित है. ऐसे में भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए पार्क के भीतर करोड़ों रुपये की लागत से डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है.
सबसे ज्यादा लापरवाही पार्क के अंदर वन सरंक्षण अधिनियम के विरुद्ध गड्ढा खोदकर मिट्टी निकालकर सड़क में उपयोग किया जा रहा है.
जबकि शासन के निर्देशानुसार मिट्टी और मुरुम की टेंडर के माध्यम से बाहर से खरीदी की जाती है.
मिट्टी और मुरुम की खरीदी बाहर से दिखाकर पैसों का बंदरबाट किया जा रहा है.
इसी तरह की घटना में हो चुका निलंबन
10 साल पूर्व जिले के माचकोट वनपरिक्षेत्र में इसी तरह वन भूमि में गड्ढा खोदकर मिट्टी और मुरुम निकालकर सड़क में उपयोग किया जा रहा था.
इस मामले की जांच के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी और फॉरेस्ट के अनुविभागीय अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गई थी.
एक बार फिर से सारे नियमों को ताक में रखकर भ्रष्टाचार को अंजाम देने इसी तरह लामिनी वन परिक्षेत्र पार्क के अंदर खुदाई कर मिट्टी निकाली जा रही है.
पार्क के भीतर मिट्टी के लिए करीब 5 हजार स्क्वायर फीट एरिया में खुदाई की गई है.
इसके लिए जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर का उपयोग किया गया है. नियम के मुताबिक वन विभाग को इन वाहनों को राजसात किया जाना चाहिए. अधिकारियों की मिली भगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
जैव विविधता वाले इस पार्क में खुदाई से रीजनरेशन के खत्म होने का जोखिम रहता है.
वन अधिकारी दे रहे सफाई
बस्तर जिले के वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता का कहना है कि पार्क के अंदर विभाग डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण कर रहा है. पार्क के अंदर ही खुदाई कर मिट्टी सड़क में डाली जा रही है.
डीएफओ उत्तम गुप्ता का कहना है कि 50 मीटर के दायरे में गड्ढा खोदकर मिट्टी डाली जा सकती है. वहीं बाहर से मिट्टी और मुरुम की खरीदी दिखाए जाने के सवाल पर डीएफओ ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.
सड़क निर्माण और मिट्टी की खुदाई की दूरी लगभग डेढ़ सौ मीटर पर है. छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने इस मामले को संज्ञान में लेने और जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.