कांग्रेस ने पूछा- जनसंघ ने 1979 में क्यों गिराई थी कर्पूरी ठाकुर की सरकार?
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज (24 अक्टूबर 2025) कर्पूरीग्राम (समस्तीपुर) दौरे से पहले कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है. प्रधानमंत्री मोदी दिवंगत समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के जन्मस्थान का दौरा करेंगे, जिन्हें पिछले वर्ष NDA सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया था. इसके बाद वह समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे.
कांग्रेस ने इस अवसर को साधते हुए प्रधानमंत्री और भाजपा से कई सवाल पूछे हैं, जो मुख्य रूप से आरक्षण और जनसंघ की पुरानी भूमिका से जुड़े हैं.
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक प्रश्न दागते हुए कहा:
"क्या यह एक स्थापित तथ्य नहीं है कि जब कर्पूरी ठाकुर ने ओबीसी के लिए आरक्षण लागू किया था, तब जनसंघ, जिससे भाजपा का उदय हुआ, ने अप्रैल 1979 में बिहार में उनकी सरकार गिरा दी थी?"
"क्या यह सच नहीं है कि उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और जनसंघ के नेताओं द्वारा कर्पूरी ठाकुर जी को 'सबसे घृणित गालियों' का सामना करना पड़ा था?"
"क्या यह सत्य नहीं है कि 28 अप्रैल, 2024 को आपने (पीएम मोदी) स्वयं जाति जनगणना की मांग करने वालों को 'अर्बन नक्सल' कहा था, और आपकी सरकार ने 2021 में संसद और सुप्रीम कोर्ट दोनों में जाति जनगणना को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था?"
जयराम रमेश ने अंत में बिहार के आरक्षण कानून पर सवाल उठाते हुए पूछा, "क्या यह सच नहीं है कि आप (पीएम मोदी) और आपकी 'ट्रबल-इंजन सरकार' ने बिहार के 65% आरक्षण कानून (SC, ST, OBCs और EBCs के लिए) को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कुछ नहीं किया, जबकि कांग्रेस सरकार ने सितंबर 1994 में तमिलनाडु के ऐसे ही कानून को सुरक्षा प्रदान की थी?"
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक पहले यह सवाल उठाकर चुनावी माहौल में कर्पूरी ठाकुर की विरासत, सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है.