अमेरिका आइये, ट्रेनिंग दीजिये, वापस जाइये- स्कॉट बेसेन्ट
वाशिंगटन । डेस्क: ट्रंप प्रशासन का एच-1बी (H-1B) वीजा कार्यक्रम को लेकर दृष्टिकोण स्पष्ट हो गया है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने बुधवार को कहा कि इस योजना के तहत, कुशल विदेशी श्रमिकों को अमेरिका में लाया जाएगा जो अमेरिकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे, और फिर अपने देश लौट जाएंगे.
फॉक्स न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में बेसेन्ट ने कहा, “राष्ट्रपति का विज़न यह है कि इन नौकरियों के लिए, जहां वे गए थे, विदेशों से उन कुशल श्रमिकों को लाया जाए जिनके पास कौशल है. तीन, पांच, सात साल तक अमेरिकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें, फिर वे घर जा सकते हैं. अमेरिकी कर्मचारी पूरी तरह से पद संभाल लेंगे.”
बेसेन्ट की यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा कार्यक्रम का बचाव करने के एक दिन बाद आई है, जहां ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका को दुनिया भर से प्रतिभा लानी होगी. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ पर लॉरा इंग्राहम के साथ एक साक्षात्कार में कहा था, "मैं सहमत हूं, लेकिन आपको प्रतिभा को लाना भी होगा."
बेसेन्ट ने कहा कि अमेरिका ने पिछले कुछ दशकों में कई सटीक विनिर्माण नौकरियों को आउटसोर्स कर दिया है. उन्होंने कहा, “20-30 वर्षों से, अमेरिका ने सटीक विनिर्माण नौकरियों को विदेशों में भेजा है. और राष्ट्रपति का यहां यह कहना है कि हम उंगलियां नहीं चटका सकते और कह सकते हैं कि 'आप रातोंरात जहाज बनाना सीख जाएंगे.' हम सेमीकंडक्टर उद्योग को वापस अमेरिका लाना चाहते हैं.”
बेसेन्ट ने इस दृष्टिकोण को "शानदार" बताते हुए कहा, “हमने सालों से अमेरिका में जहाज नहीं बनाए हैं, हमने सेमीकंडक्टर नहीं बनाए हैं.”