रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

चीन की 'स्मार्ट गन': बिना बारूद और शोर के दुश्मन का सफाया

C

CG Khabar

05 अप्रै. 2026, 03:43 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

 चीन की स्मार्ट गन
चीन की स्मार्ट गन

नई दिल्ली । डेस्क: चीन ने अपनी सैन्य तकनीक में एक क्रांतिकारी कदम आगे बढ़ाते हुए अगली पीढ़ी की घरेलू इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गन का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है. सीसीटीवी न्यूज द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस अत्याधुनिक हथियार का प्रदर्शन अब परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. 


पारंपरिक हथियारों के विपरीत, यह 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्चर' किसी भी प्रकार के विस्फोटक या बारूद का उपयोग नहीं करता है, बल्कि यह बैटरी में संग्रहीत विद्युत ऊर्जा के माध्यम से संचालित होता है. यह तकनीक मल्टी-स्टेज कॉइल्स के जरिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक बल पैदा करती है, जो गोले या गोली को अत्यधिक तीव्र गति से लक्ष्य की ओर दागती है.

विज्ञापन


पिछली पीढ़ी की तुलना में, इस नए मॉडल में बैरल की लंबाई थोड़ी बढ़ाई गई है, जिससे न केवल प्रोजेक्टाइल की गति तेज हुई है, बल्कि इसकी शक्ति को नियंत्रित करने की सटीकता भी बेहतर हुई है. 


इस हथियार की सबसे बड़ी विशेषता इसका बढ़ा हुआ आकार और वजन है, जो अधिक 'काइनेटिक एनर्जी' यानी गतिज ऊर्जा पैदा करता है, जिससे इसकी विनाशकारी क्षमता पारंपरिक बंदूकों से कहीं अधिक हो गई है. 


डिजाइन के मामले में यह हथियार काफी आधुनिक है. इसकी लंबाई मात्र 30 सेंटीमीटर है और यह इतना हल्का है कि इसे एक हाथ से चलाया जा सकता है. इसके पिछले हिस्से में मैगजीन और बीच में ग्रिप दी गई है, साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले भी लगा है जो रीयल-टाइम में बैटरी लेवल, गोला-बारूद और फायरिंग मोड की जानकारी देता है.


सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह हथियार भविष्य के युद्ध की तस्वीर बदल सकता है. 


इसमें बारूद न होने के कारण फायरिंग के दौरान न तो धुआं निकलता है, न ही रोशनी होती है और न ही धमाके जैसी आवाज आती है, जो सैनिकों को गुप्त अभियानों में जबरदस्त फायदा पहुँचाती है. 


इसके अलावा, बिजली के प्रवाह को कम या ज्यादा करके इसकी मारक क्षमता को जरूरत के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे अनावश्यक नुकसान को कम किया जा सके. 


जैसे-जैसे हाई-एनर्जी डेंसिटी वाली बैटरी तकनीक विकसित होगी, ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियार आने वाले समय में पारंपरिक बंदूकों की जगह ले सकते हैं. कम लागत और उच्च सटीकता इसे भविष्य के 'इंडिविजुअल कॉम्बैट सिस्टम' का सबसे अहम हिस्सा बनाती है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP