चीफ जस्टिस ने डिजिटल कक्ष का शुभारंभ किया
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश चन्द्र सिन्हा ने आज बालोद जिला न्यायालय परिसर में डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का वर्चुअल उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने डिजिटाइजेशन को आधुनिक युग की सबसे बड़ी आवश्यकता करार देते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया को तीव्र और सुरक्षित बनाने का महत्वपूर्ण कदम बताया. उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की डिजिटाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास भी वर्चुअली उपस्थित थे.
मुख्य न्यायाधीश ने बालोद के साथ-साथ राजनांदगांव, कबीरधाम और मुंगेली के जिला न्यायालयों में स्थापित डिजिटाइजेशन कक्षों का भी एक साथ वर्चुअल शुभारंभ किया. उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि डिजिटाइजेशन से न केवल दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पेपरलेस प्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में भी सुगमता आयेगी. उन्होंने सभी जिलों के निवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और डिजिटाइजेशन के लाभों पर प्रकाश डाला.
बालोद में आयोजित समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याम लाल नवरत्न ने फीता काटकर डिजिटाइजेशन कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “21वीं सदी में डिजिटल तकनीक ने हमारे कार्य करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है. यह कक्ष न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने और दस्तावेजों को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.” उन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, सभी न्यायाधीशों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश योगेश पारीक, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार जांगडे, श्वेता उपाध्याय गौर, कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, ताजुद्दीन आसिफ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार सोनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप, अपर कलेक्टर नूतन कंवर, तहसीलदार आशुतोष शर्मा और जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अजय कुमार साहू भी समारोह में शामिल हुए.