नए मुख्य सचिव विकास शील: एक अनुभवी प्रशासक का सफर
रायपुर । संवाददाता: 1994 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विकास शील को छत्तीसगढ़ का 13वां मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. वे 30 सितंबर 2025 को अमिताभ जैन का स्थान लेंगे. वर्तमान में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत शील को उनके अंतर्राष्ट्रीय कार्यकाल से वापस बुलाया गया है. उनके प्रशासनिक कौशल, जल प्रबंधन, और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान ने उन्हें इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उपयुक्त बनाया है.
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
10 जून 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मे विकास शील ने अपनी शिक्षा बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बीआईटीएस) पिलानी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक के रूप में शुरू की. बाद में, उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के सिरैक्यूज़ विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया. उनकी यह शैक्षिक पृष्ठभूमि उन्हें तकनीकी और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट बनाती है.
करियर की शुरुआत और जमीनी अनुभव
विकास शील ने 4 सितंबर 1994 को भारतीय प्रशासनिक सेवा में कदम रखा. शुरूआत में वे अविभाजित मध्य प्रदेश कैडर में शामिल हुए, लेकिन 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के बाद उन्होंने इस नए राज्य के कैडर को चुना. रायपुर और बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में उनकी सेवाएँ उल्लेखनीय रहीं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उन्होंने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. आपदा प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता में उनकी कुशलता ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय योगदान
मार्च 2018 में शील ने केंद्र सरकार में अपनी सेवाएँ शुरू कीं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में, उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद, जल शक्ति मंत्रालय में जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक के रूप में, उन्होंने ग्रामीण भारत में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को गति दी. उनके नेतृत्व में इस मिशन ने जल प्रबंधन में "5 R’s"-इनकार, कमी, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण, और पुनर्प्राप्ति (“5 R’s”-refuse, reduce, reuse, recycle, and recover) को बढ़ावा दिया.
जनवरी 2024 में, शील को एशियाई विकास बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया, जहाँ वे भारत, बांग्लादेश, भूटान, लाओस पीडीआर, ताजिकिस्तान, और तुर्कमेनिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यहाँ उन्होंने बुनियादी ढांचे, जलवायु संरक्षण, और गरीबी उन्मूलन से संबंधित परियोजनाओं को दिशा दी.
छत्तीसगढ़ के लिए नई जिम्मेदारी
मुख्य सचिव के रूप में, शील सभी राज्य विभागों का नेतृत्व करेंगे और मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ समन्वय कर औद्योगीकरण, जनजातीय कल्याण, और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में नीतियाँ लागू करेंगे. छत्तीसगढ़ के सामने नक्सलवाद, खनन नियम, और शहरी विकास जैसे मुद्दों से निपटने के लिए उनकी अनुभवी नेतृत्व शैली और डेटा-आधारित निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी.
नेतृत्व शैली और दृष्टिकोण
विकास शील की कार्यशैली में सहयोग, नवाचार, और सामुदायिक सशक्तिकरण पर जोर रहा है. उनके इंजीनियरिंग ज्ञान ने भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सुधारों को बढ़ावा दिया. उनकी नीतिगत पहलें समावेशी विकास और स्थिरता पर केंद्रित रही हैं.
56 वर्ष की आयु में, विकास शील छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार हैं.