छत्तीसगढ़: कपड़ा उद्योग में निवेश पर 200% तक प्रोत्साहन
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को कपड़ा और परिधान निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए 'औद्योगिक विकास नीति 2024–30' के तहत भारी-भरकम रियायतों की घोषणा की है. इस नीति के अंतर्गत निवेशकों को उनके निश्चित पूंजी निवेश (FCI) पर 200% तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है.
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई परिधान इकाई ₹100 करोड़ का निवेश करती है और लगभग 3,000 लोगों को रोजगार देती है, तो वह पात्रता शर्तों के आधार पर ₹200 करोड़ तक के कुल प्रोत्साहन की हकदार हो सकती है.
सरकार का यह कदम खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने बताया कि नवा रायपुर में विशेष टेक्सटाइल पार्क तैयार किए गए हैं, जो 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाओं से लैस हैं. इन पार्कों में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ परिचालन संबंधी सभी बाधाओं को दूर किया गया है ताकि निवेशक पहले दिन से अपना काम शुरू कर सकें.
इन औद्योगिक क्षेत्रों में 24 घंटे काम करने की सुविधा है, जिसमें महिला श्रमिकों के लिए नाइट शिफ्ट और परिसर के भीतर ही आवास की व्यवस्था शामिल है. कनेक्टिविटी के लिहाज से भी ये पार्क मुंबई-हावड़ा रेलवे कॉरिडोर और विशाखापत्तनम बंदरगाह से बेहतर ढंग से जुड़े हुए हैं.
नीति के तहत सरकार रोजगार सृजन पर विशेष जोर दे रही है. इसके लिए प्रत्येक महिला कर्मचारी पर ₹6,000 और पुरुष कर्मचारी पर ₹5,000 प्रति माह की सहायता पांच वर्षों तक दी जाएगी.
इसके अतिरिक्त, प्रति कर्मचारी ₹15,000 तक की ट्रेनिंग सब्सिडी, 12 वर्षों के लिए 100% बिजली शुल्क छूट और माल ढुलाई में सहायता का भी प्रावधान है.
राज्य की समृद्ध सिल्क विरासत, जैसे कि जीआई-टैग प्राप्त चांपा सिल्क और सालाना 200 मीट्रिक टन टसर सिल्क का उत्पादन, निवेशकों के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण है. स्विफ्ट मर्चेंडाइज और पुनीत क्रिएशन जैसी कंपनियों के निवेश से राज्य में 10,000 से अधिक नौकरियों के सृजन की उम्मीद है. File Photo