छत्तीसगढ़: तहसीलदारों की हड़ताल खत्म, हटाये जायेंगे अफसर
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में राजस्व अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधि के बीच उपजा विवाद अब प्रशासनिक फेरबदल की ओर बढ़ गया है. सीतापुर क्षेत्र में हाल ही में हुई एक अप्रिय घटना के विरोध में सूबे के तहसीलदार और नायब तहसीलदार पिछले कई दिनों से कार्यबहिष्कार पर थे, जिसके कारण शासकीय कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था.
हालांकि, शासन और कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता और सुरक्षा के पुख्ता आश्वासन के बाद आखिरकार गुरुवार से सभी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक और पटवारी अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आए हैं. हड़ताल समाप्त होते ही तहसीलों में पेंडिंग पड़े कामों को निपटाने के लिए आम जनता की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
इस पूरे गतिरोध को थामने के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बैकचैनल वार्ताएं तेज हुई थीं. सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता के बाद आरोपी पक्ष की ओर से दो समर्थकों ने थाने में आत्मसमर्पण किया, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया.
संघ ने स्पष्ट किया है कि दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई और फील्ड में तैनात अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर मिले ठोस भरोसे के बाद ही आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया गया है.
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सीतापुर के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नायब तहसीलदार तुषार मानिक और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) फागेश सिन्हा को वहां से हटाया जा सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच बढ़े तनाव के बाद उनके लिए वहां सुचारू रूप से काम करना व्यावहारिक नहीं रह गया है.
बताया जा रहा है कि इस स्थानांतरण को लेकर प्रशासनिक हलकों में सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसके आधिकारिक आदेश जारी होने की संभावना है. ज्ञात हो कि एसडीएम सिन्हा का महज दो महीने पहले ही इस क्षेत्र में तबादला हुआ था.
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब सीतापुर में एक मामले को लेकर नायब तहसीलदार और स्थानीय विधायक के बीच तीखी बहस हो गई थी, जिसने बाद में मारपीट का रूप ले लिया.
पीड़ित अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसके विरोध में समूचा राजस्व अमला लामबंद हो गया था.
इसके जवाब में दूसरे पक्ष की ओर से भी अधिकारी के खिलाफ अभद्रता की काउंटर एफआईआर दर्ज कराई गई है. फिलहाल स्थिति को शांत करने के लिए जहां एक ओर कानूनी प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को हटाकर प्रशासनिक संतुलन बनाने की तैयारी की जा रही है.